प्रस्तावित देश की तीसरी साइंस सिटी के निर्माण पर विरोध के बादल मंडराने लगे हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा घोषित इस सिटी के विरोध में ग्रामीणों ने रविवार को एकत्र होकर विरोध किया। उनका आरोप है कि दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विवि के पास देश की तीसरी साइंस सिटी नहीं बनने देंगे। उनका कहना कि जिस जमीन को साइंस सिटी के प्रस्तावित किया गया है, वह 44 एकड़ जमीन डेढ़ साल पहले जरूरतमंद तीन हजार लोगों में 66-66 गज के प्लॉट के तौर पर दिए जा चुके हैं। सरकारी नियम के अनुसार इसकी अनुमति ली जा चुकी और प्लॉट धारकों से तय फीस लेकर सरकारी खजाने में जमा भी कराई जा चुकी है। ग्रामीणों का कहना कि वे अपने प्लॉटों की निशानदेही कराकर शीघ्र ही कब्जा लेंगे। वह चुप नहीं बैठेंगे।
ग्रामीण राकेश, राजबीर, रामेश्वर, लोकेश, महा सिंह ने बताया कि नगर निगम ने ग्रामीणों को सोमवार तक का समय दिया है। अगर सोमवार तक उनकी समस्या का समाधान हो जाता है तब तो ठीक। अगर प्रशासन उनके प्लॉटों को छीनने का काम करता है तो वे प्लॉट की जमीन पर ही बैठकर धरना शुरू कर देंगे। उन्होंने बताया कि वे सोमवार को प्रशासन से जवाब का इंतजार कर रहे है। प्रशासन उन्हें इस जगह से बदलकर ताजपुर की तरफ प्लाट की जगह देना चाहता है। वे ऐसा नहीं होने देंगे।