सोनीपत। शिक्षा विभाग राजकीय स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने पर जोर दे रहा है। इसके लिए विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने नई योजना तैयार की है। इसके तहत विद्यार्थी संख्या बढ़ाने वाले विद्यालयों को सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए विद्यार्थी संख्या निर्धारित की है। यही नहीं जिन विद्यालयों में ड्रापआउट विद्यार्थियों का ग्राफ बढ़ेगा उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
नई शिक्षा नीति के तहत अब राजकीय विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2024-25 के लिए दाखिला प्रक्रिया शुरू करने के लिए प्रवेश उत्सव कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। शहीदी दिवस से बैसाखी तक चलने वाले प्रवेश उत्सव में दाखिले के लिए बेहतर प्रयास करने वाले विद्यालयों, अध्यापकों, एसएमसी व पंचायतों को प्रशंसा-पत्र दिए जाएंगे। विद्यालयों को स्वर्ण, रजत व कांस्य पत्र प्रशंसा से सम्मानित किया जाएगा। इसको लेकर विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने सभी शिक्षा अधिकारियों को जरूरी निर्देश जारी किए हैं।
प्रशंसा पत्र पाने के लिए कुछ शर्तों का करना होगा पालन
विद्यालयों को प्रशंसा पत्र प्राप्त करने के लिए कई शर्तों का पालन करना होगा। इनमें 100 फीसदी नामांकन, 30 मई तक 100 फीसदी ठहराव सुनिश्चित करना व जीरो ड्रॉपआउट के लक्ष्य को प्राप्त करना होगा। साथ ही वर्ष 2023-24 की विद्यार्थी संख्या में 30 फीसदी वृद्धि करने पर स्वर्ण-पत्र प्रशंसा, 20 फीसदी वृद्धि करने पर रजत-पत्र प्रशंसा व 15 फीसदी वृद्धि करने पर विद्यालय ताम्र-पत्र प्रशंसा के पात्र होंगे। यही नहीं किसी विद्यालय की छात्र संख्या कम होती है या ड्रॉपआउट होने वाले विद्यार्थियों की संख्या पांच फीसदी से अधिक होती है तो स्कूल पर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
वर्जन
विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी राजकीय स्कूलों में विद्यार्थी संख्या बढ़ाने पर जोर दिया है। जिसके तहत राजकीय स्कूलों में शहीदी दिवस से बैसाखी तक प्रवेश उत्सव मनाया जाएगा। दाखिले के लिए बेहतर प्रयास करने वाले स्कूलों को सम्मानित भी किया जाएगा। वहीं जिन विद्यालयों में ड्रापआउट का ग्राफ अधिक रहता है तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।-नवीन गुलिया, जिला शिक्षा अधिकारी, सोनीपत