सोनीपत। गांव बाजिदपुर-सबौली के सरकारी स्कूल में विद्यार्थियों की कक्षाएं लगाने का ट्रायल सफल होने पर अब जिले के सरकारी स्कूलों में 21 सितंबर से कक्षाएं लगाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। इसको लेकर डीईओ जोगेंद्र सिंह हुड्डा स्कूल प्रिंसिपलों की मीटिंग लेकर दिशा निर्देश जारी कर चुके हैं। 21 सितंबर से कक्षा नौवीं से 12वीं तक के 20-20 विद्यार्थियों को हर कमरे में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ बैठाया जाएगा। बच्चों को स्कूलों में भेजने के लिए पहले अभिभावकों से सहमति पत्र भी लिया जाएगा। अभिभावकों के सहमति जताने के बाद बच्चों को स्कूल में पढ़ने के लिए बुलाया जाएगा।
कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए मार्च में लॉकडाउन शुरू हुआ था और उससे एक सप्ताह पहले ही स्कूलों को बंद कर दिया गया था। उसके बाद से अभी तक स्कूल नहीं खोले गए हैं और छात्रों को ऑनलाइन व अन्य माध्यमों से अभी तक पढ़ाया जा रहा है। लेकिन अब कोरोना संक्रमण के बीच ही स्कूलों को खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए सरकार ने गांव बाजिदपुर-सबौली के सरकारी स्कूल में विद्यार्थियों की कक्षाएं लगाने का ट्रायल कराया और उसके सफल होने के बाद सभी स्कूलों में 21 सितंबर से कक्षा 9 से लेकर 12वीं तक की कक्षाएं लगाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसको लेकर स्कूल परिसर की सफाई की जा रही है। विद्यार्थियों को कक्षाओं में बैठाने के लिए प्रिंसिपल लगातार शिक्षकों संग बैठक कर रहे हैं।
मुरथल अड्डा व मॉडल स्कूल में विद्यार्थी ज्यादा होने से व्यवस्था करना चुनौती
मुरथल अड्डा स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में कक्षा नौवीं से 12वीं तक में 1000 से ज्यादा छात्राएं पढ़ती हैं। वहीं मॉडल टाउन स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में 750 बच्चे पढ़ाई करते हैं। इस तरह से इनको कक्षाओं में कोरोना से बचाव करते हुए बैठाकर पढ़ाई कराना किसी चुनौती से कम नहीं है। इसलिए ही स्कूलों में लगातार प्रिंसिपल बैठक कर रहे है, जिसमें शिक्षकों को कोरोना से बचाव के लिए नियमों को बताकर उनका पालन कराया जा सके।
हर स्कूल में 25-25 हजार रुपये का बजट जारी
स्कूल में पढ़ाई करने के लिए आने वाले विद्यार्थियों का तापमान जांचने के लिए थर्मल स्क्रीनिंग मंगवाई गई है। बच्चों के हाथ धोने के लिए सैनिटाइजर, साबुन व पानी की व्यवस्था कराई जा रही है। सभी तरह की व्यवस्था करने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से हर स्कूल में 25-25 हजार रुपये का बजट जारी किया जा चुका है। विद्यालय में विद्यार्थियों, शिक्षक व गैर शिक्षकों के लिए मास्क का प्रबंध किया गया है। बच्चों के लिए स्कूल खोलने के लिए सफाई कराई जा रही है।
सुबह आठ से दोपहर 12 बजे तक लगेंगी कक्षाएं
स्कूलों में 21 सितंबर से शुरू होने वाली कक्षाएं सुबह आठ बजे से दोपहर 12 बजे तक लगेंगी। इस दौरान स्कूलों में प्रार्थना भी नहीं कराई जाएगी और न ही लंच कराया जाएगा। सुबह आठ बजे कक्षाएं शुरू हो जाएंगी। हर कक्षा में 20-20 विद्यार्थियों को बैठाया जाएगा। इस दौरान विद्यार्थियों को अपने घर से ही बोतल में पानी लाने की अनुमति होगी। लगातार ऑनलाइन पढ़ाए जा रहे पाठ्यक्रम को विद्यालय में दोबारा रिवाइज कराया जाएगा ताकि विद्यार्थियों को पढ़ाई करने में परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। विद्यार्थियों के सामने आने वाले समस्याओं को समाधान ऑनलाइन तरीके से किया जाएगा।
अभिभावकों से सहमति पत्र लिखवाया जाएगा
यदि कोई अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने में समर्थ है, उससे सहमति पत्र लिखवाया जाएगा। उसके बाद विद्यार्थियों को पढ़ने के लिए विद्यालय में बुलाया जाएगा। इसके साथ ही विद्यार्थियों की संख्या ज्यादा होने पर स्कूल दो शिफ्टों में भी लगाया जा सकता है। विद्यालय को रोजाना सैनिटाइज कराया जाएगा।
वर्जन
स्कूलों में कक्षा 9 से 12 तक के छात्राओं की कक्षाएं लगाने की तैयारी हो रही है और 21 सितंबर से स्कूल खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए दिशा निर्देश भी जारी कर दिए गए है, जिनका पालन करना होगा।
- जोगेंद्र हुड्डा, डीईओ