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धान की पराली न जलाने वाले गांवों में सब्सिडी पर मिलेंगे आधुनिक कृषि उपकरण

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सोनीपत। पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने वाले किसानों को सरकार ने सब्सिडी पर आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए जिन गांवों के किसानों ने वर्ष 2018 खरीफ सीजन में पराली नहीं जलाई थी उन गांवों में 300 से अधिक आधुनिक कृषि यंत्र सब्सिडी पर दिए जाएंगे। किसानों को रोटावेटर, हेप्पी सीडर, एसएमएस जैसे कृषि यंत्रों को शामिल किया गया है।
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प्रदेश सरकार ने पराली जलाने की घटनाओं को कम करने को लेकर कृषि विभाग को गांव-गांव में जाकर किसानों को पर्यावरण प्रदूषण के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए थे। जिसका सकारात्मक परिणाम भी सामने आया था। हरियाणा अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र हिसार एजेंसी की रिपोर्ट के बाद सामने आया कि इस बार जिले के 322 गांवों में पराली नहीं जलाई गई। जिस पर अब पराली नहीं जलाने वाले गांवों में आधुनिक कृषि यंत्र सब्सिडी पर दिए जाएंगे। फसल अवशेष न जलाने वाले गांवों में कृषि विभाग अब 7 नए कस्टम हायर सेंटर भी स्थापित करेगा। इसके अतिरिक्त किसानों को 54 हेप्पी सीडर, 7 एसएमएस, 16 सर्ब मास्टर, 54 जीरो टीलेज, 54 रोटावेटर व अन्य यंत्र दिए जाएंगें। किसान 14 अगस्त तक ऑनलाइन या फार्म भरकर आवेदन कर सकते है। कस्टम हायर सेंटर गोहाना, गन्नौर, खरखौदा, मुडलाना, राई आदि ब्लाक में 1-1 खोला जाएगा। जबकि सोनीपत ब्लाक में 2 कस्टम हायर सेंटर खोले जाएंगे। इसी तरह से रोटावेटर भी कथूरा ब्लाक में दो, गन्नौर ब्लाक में 11, गोहाना में 6, खरखौदा ब्लाक मेें 7, मुडलाना ब्लाक में 5, राई ब्लाक में 10 और सोनीपत ब्लाक में 13 किसानों को दिए जाएंगे।
जिन गांवों में खरीफ सीजन के दौरान किसानों ने फसलों के अवशेष नहीं जलाए थे वहां किसानों को सब्सिडी पर कृषि यंत्र दिए जाएंगे। किसान 14 अगस्त तक विभाग कार्यालय में आकर या ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अन्य गांवों में भी किसानों को फसलों के अवशेष जलाने से परहेज करना चाहिए। जिससे सरकार की स्कीमों का अधिक से अधिक लाभ मिल सके।
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डा.अनिल सहरावत, क़ृषि उप निदेशक, सोनीपत।
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