फोटो : सोनीपत में वेतन की मांग को लेकर प्रदर्शन करते सफाई कर्मचारी। स्रोत: संगठन
सोनीपत। सफाई कामगार संघर्ष समिति हरियाणा के आह्वान पर शुक्रवार को ग्रामीण सफाई कर्मियों ने वेतन की मांग को लेकर शुक्रवार को प्रदर्शन किया। वह पंचायत भवन से जुलूस निकालते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। उन्होंने जिला राजस्व अधिकारी सुशील शर्मा को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
जिला संयोजक राजेश कुमार टोकी ने बताया कि 9 नवंबर 2025 को ऑल सफाई कामगार संघर्ष समिति के बैनर पर ग्रामीण व शहरी ठेका सफाई कर्मियों ने आंदोलन किया था। उसी के प्रभाव में 8 दिसंबर को मुख्यमंत्री के ओएसडी ने आश्वासन देते हुए कहा था कि सरकार आपको नियमित करने की पॉलिसी बना रही है।
बताया कि जल्द ही नई पॉलिसी तैयार करके आपकी यूनियन को खुशखबरी दी जाएगी। इस वार्ता के बाद हरियाणा व पंजाब हाई कोर्ट ने भी कच्चे कर्मचारियों के हित में फैसला सुनाते हुए 31 दिसंबर को कहा कि 10 वर्ष से कार्यरत सभी सफाई कर्मियों को नियमित करने के लिए 28 फरवरी तक नई पॉलिसी तैयार करके पेश की जाए।
इस पर सरकार ने नियमितीकरण की कोई पॉलिसी तैयार नहीं की है। खरखौदा ब्लॉक प्रधान रोहतास चंडालिया व सचिव चांद ने बताया कि 24 नवंबर 2024 को मुख्यमंत्री ने ग्रामीण सफाई कर्मियों को 26 हजार तथा शहरी सफाई कर्मियों को 27 हजार रुपये वेतन लागू करने की घोषणा की थी जिससे मुकरकर सरकार ने दलित विरोधी होने का सबूत दिया है।
राई ब्लॉक के उपप्रधान राजेश सफियाबाद ने कहा कि जून 2025 में मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि ग्रामीण व शहरी सफाई कर्मियों के वेतन में 2100 रुपये की बढ़ोतरी की जाएगी लेकिन सरकार फिर से अपने वादे से भी मुकर चुकी है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने कर्मचारियों की मांगों व समस्याओं का समाधान नहीं किया तो राज्य स्तर पर बड़े आंदोलन की तैयारी की जाएगी जिसकी सारी जिम्मेदारी सरकार की होगी।