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गरीब बच्चों के दाखिले पर दिनभर गहमागहमी

Wed, 20 Jul 2016 12:29 AM IST
Sonipat
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134 A, PROTEST - फोटो : amar ujala
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नियम 134-ए के तहत प्राइवेट स्कूलों में छात्रों के दाखिलों को लेकर चल रही तकरार खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। मामला दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को अलसुबह ही नियम को लेकर विवाद शुरू हुआ था, जो शाम तक जारी रहा। सुबह अभिभावकों ने बच्चों को लेने जा रही स्कूलों की खाली बसों के टायरों की हवा निकाल दी। 11 बजने तक एक-एक करके तीन-चार स्कूलों में बच्चों की छुट्टी कर दी गई। वहीं 12 बजे ऋषिकुल विद्यापीठ की सिटी विंग में निजी स्कूल संचालकों ने बैठक कर मामले की कड़ी निंदा की तथा इसके बाद वे सभी लघु सचिवालय पहुंच गए। जहां पर डीसी ने पहले तो ज्ञापन लेने से मना कर दिया। इस पर निजी स्कूल संचालक लघु सचिवालय परिसर में अधिकारियों की गाड़ियों के सामने धरने पर बैठ गए।
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शाम को डीसी ने निजी स्कूल संचालकों का ज्ञापन लिया तथा टायरों की हवा निकालने वाले अभिभावकों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन भी दिया। इस दौरान डीसी ने निजी स्कूल संचालकों को जल्द से जल्द दाखिला देने के निर्देश भी दिए। दो निजी स्कूल संचालकों ने इस दौरान दो दिनों की स्ट्राइक की घोषणा की थी, हालांकि बाद में डीसी की सुरक्षा के आश्वासन पर उसे वापस ले लिया। दूसरी ओर नियम 134-ए के लर्निंग लेवल टेस्ट देने वाले बच्चों के अभिभावकों ने डीईओ कार्यालय में बच्चों की उत्तरपुस्तिका भी जांची।

नहीं किया किसी बच्चे को परेशान
नियम 134-ए के तहत दाखिला न देने वाले स्कूलों की सूची जारी करते हुए छात्र अभिभावक संघ ने सोमवार को ही चेतावनी दी थी कि वे इन स्कूलों की बसों के टायर पंचर करेंगे। चेतावनी के अनुसार मंगलवार अल सुबह जब बसें स्कूलों से रवाना हुई तो चार स्कूलों की बसों के टायरों की हवा निकाली गई। अभिभावकों ने जिस समय टायरों की हवा निकाली, उस समय कोई भी बच्चा बस में मौजूद नहीं था। संघ के संयोजक विमल किशोर ने बताया कि जिन स्कूलों में दाखिला नहीं दिया जा रहा था, उन्हीं की बसों के टायर पंचर किए गए हैं। समय का खास ख्याल रखा गया, ताकि किसी बच्चे को परेशानी न हो।
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पहले बैठक, बाद में धरना
अभिभावकों की अलसुबह की कार्रवाई के बाद हरियाणा संयुक्त विद्यालय संघ के बैनर तले निजी स्कूल संचालकों की ऋषिकुल विद्यापीठ सिटी विंग में इमरजेंसी बैठक बुलाई गई। बैठक के बाद सभी निजी स्कूल संचालक सुरक्षा की मांग को लेकर लघु सचिवालय पहुंचे। यहां पर नारेबाजी करते समय जब डीसी केएम पांडुरंग पहुंचे तो उन्होंने ज्ञापन लेने से मना कर दिया तथा पहले दाखिले देने को कहा। इस पर निजी स्कूल संचालक गुस्सा गए और सचिवालय में ही अधिकारियों की गाड़ियों के सामने धरने पर बैठ गए। शाम के समय डीसी ने निजी स्कूल संचालकों से ज्ञापन लिया।

सभी बसो में पंचर अभिभावकों ने किया है, क्योंकि उन्होंने अपनी मांगो को लेकर स्कूल, प्रशासन और सरकार तक कई बार बात पहुंचाई है लेकिन उनकी बात कोई सुनने को तैयार नहीं। कोर्ट के आदेश के बावजूद प्राइवेट स्कूल बच्चों को दाखिला नहीं दे रहे। ऐसे में उनके सामने यही एक विकल्प नहीं बचा था, इसीलिए इस तरीके से विरोध दर्ज कराया।
-विमल किशोर, संयोजक, छात्र अभिभावक संघ

नियम 134-ए के तहत जो बच्चे पात्र हैं, उन्हें दाखिला दिया जा रहा है और दिया भी जाएगा। हालांकि इस तरह से स्कूल की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करना गलत है। हम इसी का विरोध कर रहे हैं। अगर प्रशासन ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की तो बैठक कर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। फिलहाल प्रशासन ने पूरी सुरक्षा का वायदा किया है।
-अजमेर सिंह, प्रधान, हरियाणा संयुक्त विद्यालय संघ।

निजी स्कूलों की बसों को नुकसान पहुंचाने और स्कूलों पर तालाबंदी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कानून हाथ में लेने की किसी को इजाजत नहीं है और अगर कोई इस तरह की गतिविधि करता है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। नियम 134-ए के तहत प्रत्येक पात्र बच्चे को अलॉट किए गए स्कूल में दाखिला दिलवाया जाएगा। स्कूल संचालक नियमानुसार पात्र बच्चों को दाखिला देने के लिए तैयार हैं। अगर इसके बावजूद भी कोई भी स्कूल संचालक आनाकानी करता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।  
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-केएम पांडुरंग, डीसी, सोनीपत।
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