मौसम की मार झेल रहे किसान अब बर्बाद हुई फसल के मुआवजे की मांग के लिए अड़ गए हैं। किसानों ने सरकार से जल्द विशेष गिरदावरी करवाकर राहत देने की मांग की है।
बृहस्पतिवार को पहले ओलावृष्टि और उसके बाद शुक्रवार को भी हुई बारिश व तेज हवा के कारण कई गांवों में लगी गेहूं की फसल बरबाद हो गई है। दरअसल शुक्रवार रात भी बारिश होने से किसानों की चिंता काफी बढ़ गई है। गोहाना में गांव धनाना, बनवासा, रिंढ़ाणा व कथूरा में भी बारिश के साथ तेज हवा चलने से कई स्थानों पर गेहूं की फसल जमीन पर बिछ जाने से किसान परेशान हैं।
गांव धनाना सहित विभिन्न गांवों के किसानों ने मुआवजे के लिए शनिवार को प्रदर्शन किया। धनाना निवासी किसान कालू, मोनू, हवेली, प्रताप सिंह, पंच दिलबाग सिंह, दलबीर सिंह, पालेराम, बिल्लू, बिजेंद्र, जयभगवान उर्फ बनिया, दयासिंह व काला ने बताया कि किसानों की फसल के ऊपर अनेकों बाधाएं आती रहती हैं। सरकार स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने के साथ ही ओलावृष्टि से खराब हुई फसल की स्पेशल गिरदावरी करवाए।
वहीं, किसानों ने 25 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजे की मांग की है। उधर, खरखौदा क्षेत्र के फरमाणा, निजामपुर माजरा, मौजमनगर, सिलाना निरथान आदि गांवों के किसान भी फसल के नुकसान पर बेहद चिंतित हैं। यहां गेहूं की फसल के साथ ही सरसों, टमाटर व प्याज की खेती पर भी बुरा असर पड़ा है।