रोडरेज में बस चालक की थार जीप से कुचलकर हत्या करने के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर साझा मोर्चा के आह्वान पर कर्मचारियों ने वीरवार तड़के 4 बजे से बसों का चक्का जाम कर दिया। रोडवेज कर्मचारी बस डिपो के गेट पर बैठकर विरोध प्रदर्शन व नारेबाजी करते रहे। डिपो से किसी भी रूट पर कोई बस नहीं गई। यही नहीं अन्य डिपो से पहुंची इक्का-दुक्का बसों को भी सोनीपत बस डिपो में ही रोक लिया गया। जिससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। दिनभर बसों का पहिया थमने से सोनीपत डिपो व गोहाना सब डिपो को करीब 15 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
साझा मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि परिवहन मंत्री व महानिदेशक से चली लंबी वार्ता विफल हो गई है, जिससे हड़ताल को शुक्रवार रात 12 बजे तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार जब तक मांगों पर सकारात्मक दृष्णिकोण नहीं दिखाई देती तब तक संघर्ष जारी रहेगा। साझा मोर्चा के पदाधिकारियों ने रोडरेज में जीप से कुचलकर बस चालक जगबीर सिंह की हत्या के मामले में जीप सवारों की गिरफ्तारी न होने पर रोष जताया। रोडवेज कर्मचारियों ने कहा कि पुलिस ने मंगलवार को आश्वासन दिया था कि 24 घंटे में जीप सवारों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस के आश्वासन पर बस अड्डे पर लगाया ताला भी खोल दिया था। 52 घंटे बाद भी पुलिस अब तक जीप सवारों की पहचान करना तो दूर जीप का भी पता नहीं लगा पाई है। पुलिस की ढुलमुल कार्यप्रणाली को देखते हुए साझा मोर्चा के आह्वान पर वीरवार तड़के 4 बजे से बसों का चक्का जाम किया गया है। बस अड्डा परिसर में धरने पर बैठे कर्मचारी दिनभर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। धरने पर सोनीपत डिपो में रोडवेज कर्मचारी यूनियन हरियाणा से रामपत, संयोजक मनजीत पहल, रोडवेज वर्कर्स यूनियन इंटक से चंद्रहास व संदीप मलिक, हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन संबंधित एसकेएस से नवीन राणा, संजय, सुरेंद्र, रोशन सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
सुरक्षा की दृष्टि से मौजूद रहा पुलिस बल
बस चालक की हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी व चालक के परिवार के लिए आर्थिक सहायता की मांग को लेकर रोडवेजकर्मी धरने पर बैठे रहे। सोनीपत रोडवेज डिपो महाप्रबंधक राहुल जैन व यातायात प्रबंधक संजय मौके पर मौजूद रहे। बस अड्डे पर सुरक्षा की दृष्टि व व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल को भी लगाया गया गया है। तैनात पुलिस कर्मचारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
सोनीपत डिपो व गोहाना सब डिपो को 15 लाख का नुकसान
सामान्य दिनों में सोनीपत बस डिपो से करीब 95 बसें विभिन्न रूटों पर दौड़ती हैं। दिनभर में ये बसें करीब 34 हजार किलोमीटर चलती हैं। इन बसों में 53 बसें रोडवेज की और 42 किलोमीटर स्कीम के तहत चलने वाली हैं। इन बसों से रोडवेज को प्रतिदिन करीब 9.75 से 10.50 लाख रुपये तक की आय होती है। इसी प्रकार गोहाना सब डिपो में करीब 62 बसें दिनभर लगभग 17 हजार किलोमीटर चलती हैं। इन बसों से डिपो को रोजाना 4.50 से करीब 5 लाख रुपये तक की आय होती है। बसों का चक्का जाम रहने से सोनीपत डिपो व गोहाना सब डिपो में करीब 15 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
मृतक चालक के परिजन व ग्रामीण पहुंचे बस अड्डे
चालक जगबीर की हत्या के मामले में जीप सवारों की गिरफ्तारी न होने से खफा परिजन व ग्रामीण वीरवार सुबह ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर बस अड्डा पहुंचे। इनमें महिलाएं भी शामिल रहीं। सभी ने रोडवेज कर्मियों के साथ धरने पर बैठ सरकार के खिलाफ नारेबाजी। पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए परिजनों ने कहा कि जब तक उन्हें इंसाफ नहीं मिलता तब तक संघर्ष जारी रहेगा। पिता की हत्या के बाद कार्रवाई न होने से दुखी होकर आत्महत्या करने वाले बेटे का भी अंतिम संस्कार करने से परिजनों ने इंकार कर दिया। हालांकि रोडवेज यूनियन के पदाधिकारियों ने कुछ देर बार परिजनों को समझाकर वापस घर भेज दिया और आश्वासन दिया कि साझा मोर्चा आपके साथ है। जब तक मांगे पूरी नहीं होती, तब तक संघर्ष जारी रखेंगे। इसके बाद परिजन लौट गए।
तीन दौर की वार्ता विफल, शुक्रवार रात 12 बजे तक बढ़ाई हड़ताल
साझा मोर्चा के आह्वान पर वीरवार तड़के 4 बजे प्रदेश में बसों का चक्का जाम कर दिया था। उसके बाद साझा मोर्चा के पदाधिकारी महानिदेशक से मिलने के लिए चंडीगढ़ रवाना हो गए थे। महानिदेशक से मिलने के बाद परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा से भी मुलाकात की और उन्हें पूरा घटनाक्रम बताते हुए अपनी मांगें रखीं। परिवहन मंत्री ने किसी भी मांग पर ठोस आश्वासन नहीं दिया। तीन दौर की वार्ता विफल रहने पर साझा मोर्चा ने हड़ताल को शुक्रवार रात 12 बजे तक जारी रखने का निर्णय लिया है। -सरबत पूनिया, राज्य महासचिव, साझा मोर्चा।