प्रदेश में बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण लंबे समय से थमे बसों के पहिये दोबारा रफ्तार पकड़ने लगे हैं। विभिन्न मार्गों पर बसों की कमी झेल रहे यात्रियों को राहत देते हुए रोडवेज अधिकारियों ने किलोमीटर स्कीम के तहत डिपो में शामिल 33 बसों को सड़कों पर उतारा है।
कोरोना के कारण ढाई महीने से घर बैठे निजी बसों के चालकों ने भी इस निर्णय से राहत की सांस ली है। किलोमीटर स्कीम के तहत निजी बसों को सड़कों पर उतारने से डिपो में चल रही बसों की कमी दूर होगी, वहीं यात्रियों को भी राहत मिल सकेगी।
किलोमीटर स्कीम के तहत बेड़े में शामिल की गई थीं बसें
सरकार द्वारा बसों की कमी को दूर करने के लिए किलोमीटर स्कीम के तहत नई बसों को रोडवेज बेड़े में शामिल किया था। इन बसों पर चालक निजी बस संचालक का ही होता है, जबकि परिचालक रोडवेज का नियुक्त होता है। किलोमीटर स्कीम के तहत रोडवेज बस संचालक को प्रति किलोमीटर की दर से निर्धारित किया गया किराया चुकाती है।
कोरोना के कारण बन रही थी घाटे का सौदा
कोरोना महामारी के दौरान सरकार द्वारा लगाए गए लॉकडाउन में यात्रियों की संख्या में भारी कमी आई थी। ऐसी स्थिति में किलोमीटर स्कीम के तहत बसें चलाना रोडवेज के लिए घाटे का सौदा साबित हो रहा था, जिसे देखते हुए सरकार ने किलोमीटर स्कीम के तहत चलने वाली बसों पर रोक लगा दी थी। स्थिति सामान्य होने व यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रोडवेज ने किलोमीटर स्कीम के तहत फिर से बसें चलाना शुरू कर दिया है।
लंबे रूटों पर उतारी जाएंगी ज्यादातर बसें
किलोमीटर स्कीम के तहत सड़कों पर उतारी गईं 33 बसों में से ज्यादातर को लंबे रूटों पर चलाया जाएगा। अधिकारियों की मानें तो डिपो में रोडवेज की बसें काफी पुरानी हो चुकी हैं, जिन्हें लंबे रूटों पर चलाना संभव नहीं है, जबकि किलोमीटर स्कीम के तहत शामिल बसें नई है। यही कारण है कि इन बसों को लंबे रूटों पर चलाने का फैसला किया है। इससे चंडीगढ़, शिमला, जयपुर सहित अधिकतर लंबे रूटों पर चलने वाले यात्रियों को फायदा होगा। यही नहीं स्थानीय मार्गों पर भी चल रहीं बसों की कमी दूर हो सकेगी।
वर्जन
विभिन्न मार्गों पर चल रहीं बसों की कमी को देखते हुए किलोमीटर स्कीम के तहत 33 बसों को सड़कों पर उतारा गया है। इनमें से ज्यादातर बसों को चंडीगढ़, शिमला, जयपुर सहित विभिन्न रूटों पर भेजा गया है। बस यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से ही यह निर्णय लिया गया है।
- कर्मबीर गहलावत, डीआई, रोडवेज डिपो, सोनीपत।