सोनीपत। दिवाली के समय सोने की अधिकतम कीमत 1.34 लाख प्रति दस ग्राम पहुंच गई थी। चांदी के दाम में भी भारी उछाल आया था लेकिन अब कीमतों में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। इससे सोना-चांदी में निवेश करने वाले कारोबारियों की टेंशन बढ़ गई है।
शादी का सीजन शुरू होने वाला है। इसके बाद भी सेना-चांदी की कीमतों में अस्थिरता की स्थिति बनी होने से निवेशक, व्यापारी एवं आम लोग दुविधा में हैं। 13 दिन में चांदी की कीमत 45,000 रुपये प्रति किलो तक कम हो चुकी है जबकि सोना 11,000 रुपये प्रति दस ग्राम सस्ता हो चुका है।
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सराफा कारोबारियों का अनुमान है कि चांदी और सोने के भाव में अब लगातार कमी आ सकती है। उधर, विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहार के बाद रेट कम होता ही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उतार-चढ़ाव की वजह से सोने-चांदी की कीमतें घटती-बढ़ती रहती हैं।
त्योहार के समय लोगों ने निवेश पर ही ध्यान दिया जिसकी वजह से कीमत चरम पर पहुंच गई थी। दिवाली में तेजी को देखते हुए चांदी दो लाख रुपये प्रति किलो पार होने की संभावना थी। 17 अक्तूबर को 10 ग्राम सोने का भाव 1,37,000 रुपये था जो अब घटकर 1,24,500 रुपये पर आ गया है।
दिवाली पर एक किलो चांदी 1,92,000 रुपये पहुंच गई थी मगर अब उसकी कीमत 1,51,500 रुपये रह गई है। 13 दिन के भीतर ही सोना-चांदी की कीमतों में इतना अंतर आने से उन लोगों को विचलित कर दिया है जिन्होंने रेट और बढ़ने की संभावना को देखते हुए बड़ा निवेश किया है। हालांकि, शादी विवाह के सीजन में आम लोग अपनी बेटियों के लिए गहने बनवाते हैं। उनके लिए कीमतों में कमी राहत भरी है।