सोनीपत। ग्रामीण खिलाड़ियों के लिए लंबे समय से सुविधाओं का इंतजार अब पूरा होते नजर आ रहा है। राजीव गांधी ग्रामीण खेल परिसरों में बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था की कमी को लेकर खेल विभाग ने गंभीर रुख अपनाया है।
रोहतक और बहादुरगढ़ में बास्केटबॉल पोल गिरने से खिलाड़ियों की मौत के बाद प्रदेशभर में खेल परिसरों की सुरक्षा और ढांचे की समीक्षा शुरू की गई थी। इसके तहत सोनीपत जिले के सभी खेल परिसरों का विस्तृत आकलन किया गया है।
जिले में स्थित 16 राजीव गांधी ग्रामीण खेल परिसरों का निरीक्षण कर विभाग ने कमियों से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय भेजी है। अब मुख्यालय की टीम जिला अधिकारियों के साथ मिलकर संयुक्त निरीक्षण करेगी। सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का फील्ड असेसमेंट करेगी।
बुनियादी सुविधाओं की कमी उजागर : जिलास्तर पर तैयार रिपोर्ट में सामने आया है कि अधिकांश ग्रामीण खेल परिसरों में पेयजल, शौचालय और पक्के भवन जैसी मूलभूत सुविधाएं न के बराबर हैं। सुविधाओं के अभाव में खिलाड़ियों को अभ्यास में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
खासतौर पर महिला खिलाड़ियों के लिए शौचालय की अनुपलब्धता एक बड़ी बाधा बनी हुई है। छाया, स्टोर रूम, उपकरण रखने की जगह और पीने के पानी की व्यवस्था न होने से नियमित प्रशिक्षण प्रभावित हो रहा है जिससे कई खिलाड़ी निजी संस्थानों या बाहर के मैदानों का सहारा लेने के लिए मजबूर हैं।
जिले में स्थित राजीव गांधी ग्रामीण खेल परिसर : औरंगाबाद, हलालपुर, नाहरा (राई), भैंसवाल कलां, सरगथल (गोहाना), भठगांव, जुआं (सोनीपत), छिनौली, सिसाना (खरखौदा), कथूरा (कथूरा), खानपुर कलां, महमूदपुर (मुंडलाना), मदीना, मोई हुडा, पुरखास, राजलू गढ़ी (गन्नौर)।