बंद पड़े स्लाटर हाउस के पास नगर निगम की दुकानों में बगैर किराया दिए पिछले कई सालों से बैठे मीट विक्रेताओं पर गाज गिरी। निगम की टीम ने कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को पांच दुकानों पर ताले जड़ दिए। थोड़ी देर बाद चार मीट विक्रेताओं द्वारा किराया भरने के लिए लिखकर देने के बाद उन्हें दुकान खोलने दिया गया, लेकिन निगम की टीम के सामने ही मीट विक्रेता किराया जमा करने की बात से मुकर गए। विरोध और नारेबाजी के बीच मीट विक्रेताओं ने कहा कि अब वह किराया तब जमा करेंगे जब प्रशासन शहर में अवैध रूप से खुली मीट की दुकानों को बंद कराएगा। दुकानदारों का आरोप है कि किराए पर दी गई मीट दुकानों में नगर निगम की ओर से न तो पानी की सुविधा दी गई है, न ही कोई बिजली की सुविधा। मीट मार्केट में सफाई कर्मचारी भी नियुक्त नहीं किया गया। सुविधा न देने के बावजूद निगम द्वारा दुकानों का किराया वसूला जाना नाइंसाफी है। गौरतलब है कि बंद पड़े स्लॉटर हाउस के पास बनी मीट मार्केट में 27 दुकानें हैं। इनमें से 15 दुकानें ऐसी हैं जो किराए पर चढ़ी हैं। 12 दुकानें खाली पड़ी है। निगम में 15 में से कुल छह दुकानों को किराया जमा हो रहा है। बाकी 9 दुकानें बगैर किराए के चल रही है। जिसके चलते निगम को 55 लाख रुपये घाटा हो रहा था।
कई बार दिए जा चुके थे नोटिस
निगम की ओर से इन दुकानदारों को कई बार नोटिस भी दिए जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद दुकानदारों ने किराया जमा नहीं कराया। अबकी निगम ने कठोर कदम उठाते हुए दुकानों पर ताले जड़े और किराया अदा करने पर ही दोबारा दुकान खोलने की चेतावनी दी है।
निगम कार्यालय में किराया न जमा कराने पर डीसी के आदेशानुसार मीट की पांच दुकानों पर ताले जड़े गए हैं। मीट विक्रेताओं को कई बार किराए के लिए नोटिस भी दिया गया। निगम में किराया करीब 55 लाख रुपये जमा होना है। जिसके लिए शुक्रवार को मीट मार्केट में दुकानों पर ताले जड़ने की कार्रवाई की गई।
-रोहताश विश्नोई, कार्यकारी अधिकारी, नगर निगम