फोटो 22: सोनीपत के खरखौदा शहर में उपमंडल कार्यालय के पीछे से पकड़े गए बंदर। संवाद
खरखौदा। नगरपालिका की तरफ से टेंडर आवंटित करने के बाद बंदरों को पकड़ने का काम शुरू कर दिया गया है। पहले दिन 15 बंदर पकड़े गए। जल्द ही शहर के लोगों को बंदरों से निजात मिलने की संभावना है। ठेका लेने वाली एजेंसी की ओर से एक वर्ष तक बंदरों को पकड़ा जाएगा। नगरपालिका बंदर पकड़ने वाली दुर्गेश इंटरप्राइजेज को प्रति बंद 1300 रुपये देगी।
शहर में लंबे समय से लोग बंदरों का आतंक झेल रहे थे। लगातार शहरवासी नगरपालिका व स्थानीय प्रशासन से बंदरों को पकड़ने की मांग कर रहे थे, क्योंकि गली-मोहल्ले में निकलने पर वह उन पर हमला कर रहे थे। घरों के अंदर घुसकर भी घायल कर रहे थे। सामान भी उठाकर ले जा रहे थे। बंदरों से डर की वजह से लोग अपने घरों की छतों पर जाने से भी कतरा रहे थे। लोगों की बढ़ती परेशानी को देखते हुए नगरपालिका प्रशासन की ओर से दोबारा टेंडर लगाया गया है। अब नपा की तरफ से दुर्गेश इंटरप्राइजेज को वर्क ऑर्डर जारी कर दिया गया है, जिसके बाद कंपनी ने सोमवार को बंदर पकड़ने का काम शुरू कर दिया है।
वर्जन
ठेका लेने वाली कंपनी को टेंडर की शर्ताें के अनुसार काम करना होगा। जल्द ही शहरवासियों का बंदरों की वजह से हो रही परेशानी से निजात मिल जाएगी। -पंकज जून, सचिव, नगरपालिका, खरखौदा
फोटो 22: सोनीपत के खरखौदा शहर में उपमंडल कार्यालय के पीछे से पकड़े गए बंदर। संवाद