देवीनगर के संदिग्ध परिस्थितियों में दलित किशोर गोविंदा की हुई मौत के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी शैलजा ने पीड़ित परिवार को व्यक्तिगत रूप से मकान बनवाकर देने का आश्वासन दिया था। रविवार को इस मकान का निर्माण शुरू हो गया, जिसका सामूहिक शिलान्यास पांच दलित बुजुर्गों से करवाया गया।
गत 22 अक्तूबर को चोरी के मामले में पूछताछ के लिए थाने में बुलाया गया 14 साल का किशोर गोविंदा अपने ही घर में मृत मिला था। गोविंदा की मौत कैसे हुई, इसका खुलासा अब तक नहीं हो सका है। सिटी थाने में दो पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ केस जरूर दर्ज है।
गोविंदा का परिवार एक झुग्गी में रह रहा है। जिस समय पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुश्री शैलजा शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए आई थीं, तब उन्होंने गोविंदा के परिवार को व्यक्तिगत रूप से मकान बनवाकर देने का आश्वासन दिया था।
रविवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री के निर्देश पर एक ठेकेदार सुखबीर सिंह अपने दो कारिंदों-मोहम्मद रियासत और मोहम्मद मोमीन के साथ पहुंचा तथा निर्माण कार्य शुरू किया। सामूहिक शिलान्यास सूरजमल, मामन सिंह, भूप सिंह, महावीर सिंह और गंगा राम ने किया। मृतक गोविंदा की मां संजीत, बड़े भाई गौतम, बुआ निर्मला और फूफा राम निवास, बुआ मेवा देवी से भी नींव के पत्थर रखवाए गए।
इस मौके पर वरिष्ठ दलित नेता रवि इंदौरा, जगशेर नुरुनखेड़ा, अनिल निम्बडिय़ा, राकेश बागड़ी, वजीर सिंह मदीना और मुकेश छतैहरा भी उपस्थित रहे।