सोनीपत के मॉडल टाउन में बंद पड़ी सरकारी राशन की दुकान। संवाद
सोनीपत। मांगों को लेकर राशन डिपो संचालकों ने सोमवार से बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी है। ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन के आह्वान पर जिले के 376 राशन डिपो संचालक हड़ताल पर रहेंगे। पहले दिन किसी को राशन मुहैया नहीं कराया गया। हड़ताल की वजह से जिले के 2 लाख 34 हजार राशन कार्डधारक प्रभावित होंगे।
ऑल राशन डिपो होल्डर्स वेलफेयर एसोसिएशन के जिला प्रधान रामकरण शर्मा ने बताया कि राशन वितरण प्रणाली में सरकार ने कुछ बदलाव किया है। इनमें 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों को अब राशन डिपो आवंटित नहीं किया जाएगा। राशन डिपो की क्षमता को घटाने का फैसला किया गया है। राशन डिपो की क्षमता अधिकतम 300 राशन कार्ड की गई है। जब तक सरकार की ओर से उनकी मांगों को नहीं माना जाएगा, तब तक वह किसी भी उपभोक्ता को सरकारी राशन नहीं देंगे। राशन डिपो संचालकों ने 1 से 10 अक्तूबर तक हड़ताल रखी थी, उस समय सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया था। हड़ताल पर जाने से पहले ही खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को अवगत करा दिया था।
दुकानें होने लगी बंद
जिला प्रधान रामकरण शर्मा ने बताया कि खाद्य आपूर्ति विभाग ने जनवरी में 22.99 लाख किलो गेहूं, 3.38 हजार लीटर सरसों का तेल, 1.90 लाख किलो चीनी, 24.21 लाख किलो बाजरे का आवंटन कोटा जारी किया है। राष्ट्रव्यापी हड़ताल के चलते किसी भी उपभोक्ता को राशन मुहैया नहीं कराया जाएगा। सरकारी राशन की दुकानें बंद रहेंगी।
मांगों को लेकर राशन डिपो संचालक मुझसे मिले थे। राशन डिपो संचालकों की मांगों को सरकार तक पहुंचा दिया है। अगर लोगों को राशन लेने में कहीं परेशानी आती है तो राशन डिपो संचालकों से बात करके उसका समाधान कराया जाएगा। -विंशेल सहरावत, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक, सोनीपत।