मौसी के पास रह रही दस वर्षीय बालिका से दुष्कर्म के मामले में स्थानीय कोर्ट ने उसके मौसा को 10 वर्ष की कैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
जुर्माना अदा न करने की सूरत में मौसा को 3 वर्ष अतिरिक्त कैद की सजा काटनी होगी। चाइल्ड हेल्पलाइन, पट्टी कल्याण की सदस्य सुनीता शर्मा ने 20 अप्रैल, 2013 को शिकायत दी थी कि 17 अप्रैल को उन्हें सूचना मिली थी कि एक दस वर्षीय बच्ची अपने मौसा सूरज उर्फ बच्चन और मौसी के पास रह रही है।
उसे जबरन बंधक बनाकर रखा जा रहा है। जिस पर उन्होंने बच्ची को छुड़वा कर बालग्राम राई में पहुंचाया था। बालग्राम राई के प्रबंधकों ने उसका मेडिकल परीक्षण करवाए जाने की बात कही। 20 अप्रेल को पुलिस ने बच्ची का मेडिकल परीक्षण कराया जिसमें बच्ची के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई।
पुलिस ने जब बच्ची से पूछताछ की तो उसने अपने मौसा सूरज पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। आरोपी मूलरूप से पश्चिमी बंगाल के गांव धर्मपुरा जिला नदिया का रहने वाला है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। सोमवार को मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने सूरज को दोषी करार दिया है।