टोक्यो ओलंपिक के लिए भारतीय महिला हॉकी टीम में हरियाणा की जिन 9 खिलाड़ियों को जगह मिली है, उनमें रानी रामपाल, सविता, मोनिका व नवजौत कौर का अनुभव और नेहा का अटैक, शर्मिला की स्पीड, निशा व उदिता का डिफेंस, नवनीत की स्कोरिंग पावर का फायदा मिलेगा। इन सभी खिलाड़ियों से टीम का संतुलन बना रहता है तो इनके बीच सामंजस्य भी काफी बेहतर है। यह सभी खिलाड़ी इस तरह से मैदान में अलग-अलग क्षेत्र में माहिर हैं।
रानी रामपाल : स्कोरिंग पावर मजबूत
रानी रामपाल भारतीय महिला हॉकी टीम की अभी तक कप्तान हैं और इनकी स्कोरिंग पावर मजबूत है। जिस समय टीम को जरूरत होती है तो ऐसे में अधिकतर यह गोल करती है। ओलंपिक क्वालीफाई के लिए भी आखिरी गोल इन्होंने ही किया था। इनका अनुभव भी काफी लंबा है और यह पहले भी ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, एशियन गेम्स सभी खेल चुकी हैं।
सविता पूनिया : दुनिया की नंबर एक गोलकीपर होने का खिताब मिल चुका
सविता पूनिया भारतीय महिला हॉकी टीम की काफी लंबे समय से गोलकीपर है। इनकी उपलब्धि का इससे ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि इनको दुनिया की नंबर एक गोलकीपर होने का खिताब मिल चुका है। यह सामान्य गोल रोकने के साथ ही शूटआउट भी काफी अच्छा रोकती है और मैदान में खिलाड़ियों का सबसे ज्यादा हौसला बढ़ाती हैं। यह भी ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, एशियन गेम्स समेत काफी मैच खेल चुकी हैं।
मोनिका मलिक : हॉकी टीम की मिड फील्डर
मोनिका मलिक भारतीय महिला हॉकी टीम की मिड फील्डर हैं और इनके पास भी काफी अनुभव है। यह भी रियो ओलंपिक में खेली थीं तो कॉमनवेल्थ व एशियन गेम्स के दौरान भी टीम का हिस्सा रही थीं। इनके अलावा भी देश के लिए करीब 150 मैच खेल चुकी हैं। यह अटैक करके खेलती हैं और इनका यह खेल ही काफी प्रभावी है।
नेहा गोयल : अटैक व डिफेंस दोनों अच्छे
नेहा गोयल भारतीय महिला हॉकी टीम की मिड फील्डर है, लेकिन ओलंपिक में पहली बार खेलेंगी। वर्ष 2017 में एशियन कप में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा रही थीं तो वर्ल्ड कप व कॉमनवेल्थ में खेली थीं। एशियन गेम्स में रजत पदक जीतने में अहम योगदान रहा था। मैदान में स्ट्राइकर को ज्यादा गेंद देकर सहयोग करती हैं, जिससे गोल हो सके। इनका अटैक व डिफेंस दोनों अच्छे हैं।
नवजौत कौर : लंबी बाल काफी अच्छा खेलती
नवजौत कौर भारतीय महिला हॉकी टीम में फॉरवर्ड में खेलती हैं और यह अनुभवी खिलाड़ी हैं। रियो ओलंपिक के साथ ही कॉमनवेल्थ, एशियन गेम्स की टीम में खेली थीं। यह लंबी बाल काफी अच्छा खेलती हैं और एक-दूसरे के साथ सामंजस्य अच्छे से बनाती हैं।
नवनीत कौर : स्कोरिंग पावर अच्छी
नवनीत कौर भारतीय महिला हॉकी टीम में फॉरवर्ड में खेलती हैं। पहली बार ओलंपिक में खेलेंगी, लेकिन पिछले कई साल से भारतीय टीम का हिस्सा है और यह भी कॉमनवेल्थ व एशियन गेम्स में खेल चुकी हैं। इनकी स्कोरिंग पावर अच्छी है और यह डी में काफी अच्छा खेलती है।
निशा : डिफेंस के साथ अग्रेसिव
निशा भारतीय महिला हॉकी टीम में डिफेंडर है और इनका डिफेंस जितना अच्छा है तो यह उतना ही अग्रेसिव होकर खेलती हैं। भारतीय टीम की युवा खिलाड़ियों में शामिल हैं। अनुभव ज्यादा नहीं है, लेकिन अपने बेहतर खेल के सहारे जगह बनाने में कामयाब रही।
शर्मिला : स्पीड के साथ बेहतर खेल से जगह बनाई
शर्मिला भारतीय महिला हॉकी टीम में फॉरवर्ड में खेलती हैं और इनकी स्पीड काफी अच्छी है। इनका सबसे बेहतर पहलू यह है कि यह बाल को सबसे तेज लेकर भागती हैं और विपक्षी खिलाड़ी को पीछे छोड़ देती हैं। यह भी भारतीय टीम के लिए युवा खिलाड़ी हैं, लेकिन स्पीड के साथ बेहतर खेल से जगह बनाई है।
उदिता : डिफेंस काफी अच्छा
उदिता भारतीय महिला हॉकी टीम में फॉरवर्ड में खेलती हैं। इनका भी डिफेंस काफी अच्छा है तो अग्रेसिव होकर खेलती है। इन्होंने ही एशियन गेम्स में सबसे पहला गोल किया था। ओलंपिक में सबसे पहला मैच दुनिया की नंबर एक टीम हॉलैंड से होने की उम्मीद है तो पहले ही मैच में खुलकर खेलने का मौका मिलेगा।