खरखौदा । पानीपत में सीआईए-2 के साथ हुई मुठभेड़ में मारे गए गांव गढ़ी सिसाना निवासी राकेश उर्फ राका ने भी अब अपने बड़े भाई लॉरेंस बिश्नोई गैंग के शार्प शूटर प्रियव्रत फौजी की राह पकड़ ली थी। एक साल पहले तक मारपीट व रास्ता रोकने के पांच मुकदमों में नामजद राकेश उर्फ राका का नाम अब कई वारदातों में सामने आया था। जिसमें वह अपने साथी सहित वांछित था। अब एनकाउंटर के बाद राकेश के परिजनों ने पुलिस पर ही आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि राकेश को पहले ही पकड़ लिया था। उसका झूठा एनकाउंटर कर दिया गया।
पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद जांच हुई तो उसमें खरखौदा के गांव गढ़ी सिसाना के प्रियव्रत का नाम आया था। जिसने सभी को हैरान किया था। प्रियव्रत जुर्म की दुनिया में कदम तो रख चुका था, लेकिन यह किसी को नहीं पता था कि उसके तार कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई जुड़ चुके हैं। लेकिन वह हत्योपियों संग सीसीटीवी में कैद हुआ था। जिसके बाद उसे पकड़ा गया था। अब वह पंजाब की गोइंदवाल साहिब जेल में बंद है। अब प्रियव्रत के भाई राकेश को रंगदारी मामले में पानीपत पुलिस की सीआईए-2 टीम ने मुठभेड़ में मार गिराया है। उसके एनकाउंटर से भी ग्रामीण हैरान हैं। राकेश के मुठभेड़ में मारे जाने की बातों पर परिवार को विश्वास नहीं हो रहा है। परिजन इसे लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं।
राकेश का आपराधिक रिकॉर्ड
राकेश पर अलग-अलग थानों में लड़ाई-झगड़े, रास्ता रोककर मारपीट करने व अपहरण जैसी धाराओं के तहत पांच मामले दर्ज थे। जिसमें उस पर गांव के ही एक युवक के साथ मारपीट करने का पहला मुकदमा भाई प्रियव्रत के साथ 8 फरवरी, 2017 में दर्ज हुआ था। जिसके बाद खरखौदा में ही एक और मुकदमा दर्ज हुआ। इसके बाद दिसंबर, 2017 में उसके खिलाफ गोहाना के सदर थाना में मारपीट, रास्ता रोकने व धमकी देने का मुकदमा दर्ज हुआ। जून, 2019 में बहादुरगढ़ शहर थाना में मारपीट व धमकी देने का मुकदमा दर्ज हुआ था। अप्रैल 2022 में उस पर बहादुरगढ़ में ही फिर से मारपीट, रास्ता रोकने, धमकी देने व अवैध शस्त्र अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया गया। गत दिनों पानीपत में उसके खिलाफ रंगदारी मांगने, धमकी देने और षड्यंत्र रचने के दो मुकदमे दर्ज हुए थे। बताया गया है कि वह गांव से कई माह से फरार चल रहा था।
आज खानपुर में होगा पोस्टमार्टम
परिजनों की मांग पर राकेश उर्फ राका का पोस्टमार्टम अब खानपुर महिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कराया जाएगा। परिजनों ने पानीपत में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हो पाने के आरोप लगाए हैं। जिसके बाद यह फैसला लिया गया। पुलिस की टीम शनिवार की शाम को राकेश का शव लेकर पानीपत से खानपुर पहुंची।
मूसेवाला की हत्या से सुर्खियों में आया था प्रियव्रत
पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या में नाम आने के बाद गढ़ी सिसाना निवासी प्रियव्रत सुर्खियों में आया था। हालांकि वह अपराध की दुनिया से काफी पहले जुड़ गया था। इससे पहले वह बेहतर पहलवान था। कुश्ती की बदौलत ही उसका चयन भारतीय सेना में हुआ था। बाद में वह गलत संगत में पड़कर अपराध की दुनिया में चला गया। उसका नाम रामकरण बैंयापुर की गैंग से लेकर गोल्डी बराड और लॉरेंस बिश्नोई तक जुड़ चुका है। सिद्धू मूसेवाला की हत्या में उनका नाम आ गया। इससे पहले बदमाश अजय उर्फ बिट्टू बरोणा के पिता की हत्या में भी प्रियव्रत का नाम सामने आया था।