सोनीपत। राहुल गांधी जनवरी से अब तक तीन बार हरियाणा आ चुके हैं। भारत जोड़ो यात्रा से शुरू हुआ यह सिलसिला लगातार जारी है। दो बार तो वह शिमला जाने की कहकर निकले और रास्ते में अचानक अपने कार्यक्रम को बदल लिया। पहले वह अंबाला से ट्रक में सवार होकर चंडीगढ़ गए और अब किसानों के बीच मदीना पहुंच गए। इस बार तो मानहानि के मामले में गुजरात हाईकोर्ट की तरफ से राहुल गांधी की सजा में राहत देने से इंकार के बावजूद वह अगले ही दिन वह किसानों के बीच दिखाई दिए।
जनवरी में राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा के तहत उत्तर प्रदेश से सीधे पानीपत पहुंचे थे। इसके बाद करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला होते हुए पंजाब गए थे। उन्होंने अंबाला में अचानक ट्रक में सवार होकर सभी को चौंकाया था। वह 23 मई को अंबाला से चंडीगढ़ तक ट्रक में सवार होकर गए थे। अब तीसरी बार शनिवार को अचानक मदीना गांव के किसानों व मजदूरों के बीच पहुंच गए। हरियाणा में भाजपा की गठबंधन सरकार है, लेकिन कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल है। राहुल गांधी जानते हैं कि यहां मेहनत की जाए तो कांग्रेस के हाथ मजबूत हो सकते हैं। लोगों के बीच रहने के कारण राहुल गांधी के मन में धरातल की स्थिति जानने की दिलचस्पी बढ़ी है।
लगातार चौका रहे राहुल
राहुल गांधी अचानक अपना कार्यक्रम तय कर सभी को चौका रहे हैं। राहुल गांधी की यह धरातल की राजनीति विपक्षी ही नहीं उनकी पार्टी के लोगों को चौंका रही है। राहुल गांधी के कार्यक्रमों की जानकारी बेहद करीबी कांग्रेसियों को ही मिल पाती है। बरोदा विधानसभा क्षेत्र के गांव मदीना में आने के बाद भी स्थानीय विधायक को ग्रामीणों ने सूचना दी। कांग्रेस विधायक इंदुराज नरवाल को ग्रामीणों की तरफ से जानकारी मिली थी।
भाजपा नेता बोले- महज ड्रामा
राहुल गांधी के अचानक खेतों में पहुंचने को लेकर प्रदेश के कृषि मंत्री जेपी दलाल ने सोशल मीडिया पर कहा कि अच्छा मौसम देखकर किसानों के साथ फोटो शूट कराने की बजाय राहुल गांधी खेतों में किसानों के साथ दोपहरी में 45 डिग्री तापमान में पहुंचकर एक घंटा काम करते तो असली मेहनत समझ में आती। मेहनत के बाद इनको शिमला जाने की जरूरत नहीं पड़ती। एक पेड़ के नीचे ही शिमला की अनुभूति हो जाती। वहीं प्रदेश के गृहमंत्री अनिल विज ने नसीहत दी कि धान लगाना तो ठीक है, इससे किसानों की एक दिन की मजदूरी बच गई, लेकिन राहुल गांधी को सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं करना चाहिए।