अगवानपुर रेलवे फाटक एसपीएल-36 को तिपहिया आटो चालक ने टक्कर मारकर तोड़ दिया। फाटक टूटने से फाटक के साथ खड़ी गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हो गई। टक्कर से फाटक के तार टूटने के साथ ही उसे बंद कर रहे कर्मचारी को झटका लगा, जिससे उसके हाथ में चोट आ गई। इस दौरान दिल्ली-पानीपत रेलमार्ग पर आ रही मालगाड़ी को फाटक के इंटरलॉक होने से सिग्नल नहीं मिला। जिससे उसे स्टेशन पर ही खड़े रहना पड़ा। वहीं वाहनों के आवागमन को रोकने के लिए अतिरिक्त व्यवस्था का सहारा लेना पड़ा। इधर, वाहनों के आवागमन को बंद कर फाटक को ठीक करने के लिए कर्मचारी मौके पर पहुंचे और करीब 30 मिनट की मशक्कत के बाद सिग्नल होने पर मालगाड़ी पानीपत की तरफ रवाना हुई।
जीआरपी को सूचना दे दी : स्टेशन अधीक्षक
स्टेशन अधीक्षक बिजेंद्र छोकर ने बताया कि उन्हें 4 बजकर 15 मिनट पर गेटमैन ने फाटक टूटने की सूचना दी। सूचना पाते ही कर्मचारियों को क्षतिग्रस्त फाटक को ठीक करने के लिए मौके पर भेज दिया गया और साथ में उन्होंने जीआरपी को फाटक के तोड़ने की सूचना भी दे दी। फाटक को अस्थाई तौर पर ठीक कर रेल यातायात को सुचारु कराया।
इंटरलॉकिंग सिस्टम होने से नहीं मिले सिग्नल
अगवानपुर रेलवे फाटक एसपीएल-36 का वहां लगे सिग्नलों के साथ इंटरलॉक होने से मालगाड़ी को सिग्नल नहीं मिल पाए। स्टेशन अधीक्षक बिजेंद्र छोकर ने बताया कि जब तक फाटक पूरी तरह से बंद नहीं होता तब तक गाड़ी को आगे जाने के लिए सिग्नल नहीं मिलेंगे। फाटक टूटने के बाद भी ऐसा ही हुआ।