भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए तो 24 नवंबर को प्रदेशभर में रेल रोककर विरोध जताया जाएगा। सरकार ने किसानों को दगा दिया है। जिन मांगों को शीघ्र मानने की बात कही गई थी, उन्हें आंदोलन खत्म होने के सालभर बाद भी पूरा नहीं किया गया है। वह सोमवार को लघु सचिवालय परिसर में धरनारत जुआं गांव के ग्रामीणों का समर्थन करने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि 18 दिनों से ग्रामीण अनशन पर हैं और प्रशासन सोया हुआ है। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा का गठन जिस उद्देश्य के लिए किया गया था, उसे पूरा ही नहीं किया गया। एसकेएम में ऐसे लोगों को भर्ती कर लिया गया था जो किसानों के दुख-दर्द को समझने की बजाय अपनी राजनीति चमकाने में लगे थे। ऐसे में मोर्चा का अब कोई अर्थ नहीं रह जाता।