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सूर्यग्रहण के 14 दिन बाद साल का अंतिम चंद्रग्रहण आज शाम होते ही दिखाई देगा

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सूर्यग्रहण के 14 दिन बाद मंगलवार को साल का अंतिम चंद्रग्रहण लगेगा। यह ग्रहण देश में दिखाई देगा, इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य होगा। यह ग्रहण पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा। चिटाने वाली माता मंदिर के पुजारी पंडित अमित शोनक ने बताया कि ग्रहण काल के दौरान थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत है।
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पंडित अमित शोनक ने बताया कि चंद्र ग्रहण में सूतक काल ग्रहण के शुरू होने से 9 घंटे पहले लगेगा। भारत में पूर्वोत्तर राज्यों में पूर्ण चंद्र ग्रहण दिखेगा। यह चंद्र ग्रहण कार्तिक पूर्णिमा पर देव दीपावली की तिथि पर लगेगा। उन्होंने बताया कि 25 अक्तूबर को साल का आखिरी सूर्य ग्रहण भी दिवाली के अगले दिन पर कार्तिक अमावस्या तिथि पर लगा था। भारत में यह चंद्रग्रहण शाम होते ही दिखाई देने लगेगा। उन्होंने बताया कि चंद्र ग्रहण होने पर 9 घंटे पहले से सूतक शुरू हो जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण पर सूतक काल को शुभ नहीं माना जाता। सूतक काल के दौरान पूजा-पाठ और शुभ कार्य वर्जित होते हैं। मंगलवार को सुबह 6 बजकर 39 मिनट से सूतक काल आरंभ हो जाएगा, जो ग्रहण की समाप्ति के साथ खत्म हो जाएगा।
चंद्र ग्रहण के यह हैं वैज्ञानिक कारण
राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के राज्य संयोजक कृष्ण वत्स ने बताया कि देव दीपावली पर मंगलवार को यह इस साल का आखिरी पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा। इससे पहले इस वर्ष 16 मई को आंशिक चंद्र ग्रहण की स्थिति बनी थी। चंद्रग्रहण की स्थिति तब बनती है जब चंद्रमा पृथ्वी की छाया में चला जाता है। पूर्ण चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रमा सूर्य की तरह काले रंग का नहीं होता, बल्कि लाल रंग का होता है। इसलिए इसे रेड मून या ब्लड मून कहते हैं। ऐसा पृथ्वी के वायुमंडल के कारण होता है। चंद्रमा तक पहुंचने वाली रोशनी पृथ्वी के वायुमंडल से हुए गुजरते हुए बिखर जाती है, जिससे चंद्रमा लाल रंग का दिखाई देता है। चंद्रग्रहण के समय जहां भी रात होती है, वहां चंद्रग्रहण दिखाई देता है। पूर्ण चंद्र ग्रहण की अवधि लगभग दो घंटे हो सकती है।
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देश के पूर्वी भाग में देखा जा सकेगा चंद्र ग्रहण
पूर्ण चंद्र ग्रहण देश के पूर्वी भाग में देखा जा सकेगा, जबकि उत्तरी भारत में यह आंशिक दिखाई देगा। ग्रहण दोपहर बाद 2:39 बजे शुरू होगा और शाम 4:29 बजे तक पूरी तरह पृथ्वी की छाया के गर्भ में होगा। उस समय चंद्रमा उत्तरी भारत में नहीं दिखाई देगा, बल्कि शाम 5:31 पर चंद्रोदय का समय है, उसके बाद आंशिक चंद्र ग्रहण दिखाई देगा। सूर्य ग्रहण के विपरीत चंद्र ग्रहण को बिना किसी सुरक्षा या विशेष सावधानियों के नंगी आंखों से देखा जा सकता है। भारत में दिखाई देने वाला अगला पूर्ण चंद्र ग्रहण 7 सितंबर 2025 को होगा। कृष्ण वत्स ने कहा कि ग्रहण एक खगोलीय दर्शनीय घटना है, जो वैज्ञानिकों को नई खोज व जानने का अवसर प्रदान करती है। एक साल में कम से कम दो और अधिकतम पांच चंद्र ग्रहण हो सकते हैं।
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चंद्रग्रहण का समय
चंद्रग्रहण प्रारंभ : दोपहर 2:39 बजे से
ग्रहण मध्य : दोपहर बाद 4:29 बजे तक
ग्रहण समाप्त : शाम 6:19 बजे
ग्रहण दिखाई देगा : शाम 5:28 बजे (चंद्रोदय के समय )
ग्रहण सूतक : सुबह 8:28 बजे
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