सोनीपत। बागवानी विभाग की टीम ने सोमवार को सोनीपत की बीज मार्केट में छापा मारकर सब्जियों के बीज के 15 नमूने लिए हैं। इन्हें जांच के लिए लैब में भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। कम गुणवत्ता पाए जाने पर विक्रेता का लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।
किसान मार्च से जून के बीच टमाटर, खीरा, भिंडी, हरी मिर्च, बैंगन, करेला, लौकी, धनिया आदि सब्जियां उगाते हैं। ऐसे में फरवरी माह में सब्जियों के बीज की मांग बढ़ जाती है। मांग बढ़ने से कई बार विक्रेता किसानों को कम गुणवत्ता के बीज देकर मुनाफा कमाने का प्रयास करते हैं। किसानों को बेहतर गुणवत्ता के बीज और दवाइयां प्राप्त हो। इसके लिए बागवानी विभाग ने छापा डालने का अभियान चलाया है। बीज के नमूने लिए गए हैं।
100 विक्रेताओं के पास लाइसेंस
सब्जियों के बीज बेचने के लिए जिले में करीब 100 विक्रेताओं के पास लाइसेंस है। बागवानी विभाग ने छापा डालना शुरू किया है। सुनिश्चित किया जा सके कि किसी भी दुकान पर कम गुणवत्ता के बीज ना रहे। बागवानी विभाग के अधिकारियों ने किसानों का भी आह्वान किया है कि वह किसी भी प्रकार की सब्जी का बीज खरीदते वक्त विक्रेता से पक्का बिल अवश्य लें। अगर बीज खराब मिलता है तो संबंधित विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। सीजन के लिए विभाग ने 100 सैंपल लेने का टारगेट रखा है।
30 हजार एकड़ में होती है सब्जियों की खेती
किसान परंपरागत खेती के साथ-साथ विभिन्न प्रकार की सब्जियां भी उगाते हैं। खरीफ सीजन में करीब 30 हजार एकड़ भूमि में किसान अलग-अलग प्रकार की सब्जियां उगाते हैं। सब्जियां उगाने वाले किसानों में सबसे अधिक किसान राई ब्लॉक में हैं। इसके अतिरिक्त गन्नौर व सोनीपत ब्लाक में भी काफी संख्या में किसान सब्जियों की खेती करते हैं। बागवानी विभाग लगातार किसानों की आय को बढ़ाने के लिए सब्जी उत्पादन के प्रति प्रेरित कर रहा है।
वर्जन
सब्जी उत्पादक किसानों को बेहतर गुणवत्ता के बीज उपलब्ध हो सके, इसके लिए बीज की दुकानों पर छापा मारा गया। 15 नमूने लिए गए हैं। जांच के लिए लैब में भेजा जाएगा। कम गुणवत्ता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।- डॉ.राकेश, जिला बागवानी अधिकारी, सोनीपत