भड़के दलित, किया प्रदर्शन, रोकी ट्रेन
रोहतक मार्ग पर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा खंडित करने के विरोध में लोगों ने खरखौदा-रोहतक रोड पर करीब सवा घंटे जाम लगाकर नारेबाजी की। नाराज लोगों का कहना था कि कुछ लोगों द्वारा आपसी भाईचारे को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। जाम के कारण दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाइन लग गई। पुलिस ने अन्य मार्ग से ट्रैफिक को डायवर्ट किया। एसडीएम द्वारा मौके पर पहुंचकर उचित कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद लोगों ने जाम खोला।
जानकारी के अनुसार बीती रात किसी ने रोहतक मार्ग पर लगी डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को खंडित कर दिया। सुबह लोगों को प्रतिमा के खंडित होने की जानकारी मिली तो नाराज लोगों ने प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। सुबह करीब दस बजे डॉ. भीमराव अंबेडकर भवन एवं शिक्षण संस्थान के लोगों ने खरखौदा-रोहतक मार्ग को जाम कर दिया। जाम के कारण सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी भी की। जाम की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी सोमवीर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और पुलिसकर्मियों ने वाहनों को अन्य रास्ते से डायवर्ट करना शुरू कर दिया। मौके पर पहुंचे तहसीलदार शिव कुमार सैनी ने संस्थान के पदाधिकारियों से जाम खोलने को कहा, लेकिन आंदोलनकारियों ने उनकी नहीं सुनी। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक एसडीएम नहीं आते वे जाम नहीं खोलेंगे। करीब सवा ग्यारह बजे एसडीएम विरेंद्र सिंह सहरावत पहुंचे।
उन्होंने कहा कि जिन व्यक्तियों ने ऐसा किया है वे व्यक्ति सभ्य नागरिक नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर किसी एक समाज और समुदाय के नहीं हैं बल्कि सभी के हैं। उन्होंने कहा कि वे ऐसी महान विभूति हैं जिन्होंने जात-पात को खत्म करने के लिए कदम उठाए। भाईचारे को ठेस पहुंचाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उनके आश्वासन के बाद करीब सवा घंटे के बाद जाम खोला गया। प्रदर्शन करने वालों में महेंद्र सिंह, रामफल मेहरा, मीर सिंह, प्रीतम खोखर, रामनिवास, दरियाव सिंह, आजाद सिंह भौरिया, राजबीर सिंह के अलावा महिलाएं भी शामिल थीं। पंचायत समिति के चेयरमैन रमेश दहिया और सीपीएस के निजी सचिव रामसिंह भी इस मौके पर मौजूद रहे।
संस्थान के प्रधान ने रखीं ये मांगें
डॉ. भीमराव अंबेडकर भवन एवं शिक्षण संस्थान के प्रधान जिले सिंह सरोहा ने एसडीएम के समक्ष ये मांगें रखीं।
जिन व्यक्तियों ने बाबा साहेब की प्रतिमा को खंडित किया है। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
खंडित प्रतिमा की जगह दूसरी प्रतिमा प्रशासन द्वारा लगायी जानी चाहिए।
डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क के लिए डेढ़ एकड़ भूमि देने का प्रस्ताव पारित है, उक्त भूमि दी जाए।
संस्थान जब उस भूमि पर पार्क आदि का निर्माण कराए तो उसमें नगरपालिका और प्रशासन अड़चन न डालें।
बाबा साहेब की प्रतिमा की सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाया जाना चाहिए।
एसडीएम ने दिया आश्वासन
जिन व्यक्तियों ने प्रतिमा को खंडित किया है उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही कहा कि अगर उन्हें किसी पर शक है और अगर कोई ऐसा व्यक्ति नजर आता है तो वे तुरंत इसकी सूचना उन्हें दें। प्रतिमा को प्रशासन द्वारा लगवाया जाएगा। भूमि के प्रस्ताव बारे में वह कुछ नहीं कह सकते क्योंकि यह कागजी कार्रवाई का मामला है। अगर इस आशय के कागजात उनके पास हैं तो वे उन्हें दिखाएं। कागजात सही मिले तो उनकी यह मांग भी पूरी कर दी जाएगी। जब भूमि पर विवाद नहीं होगा तो प्रशासन क्यों अड़चन डालेगा। प्रतिमा की सुरक्षा के लिए पुलिस तो गश्त करेगी ही साथ ही सीसीटीवी कैमरे भी लगवाए जाएंगे, ताकि आगे ऐसी कोई घटना न घटे।
-विरेंद्र सहरावत, एसडीएम।