संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। पंजाब में आतंकी गतिविधियों और धमकी भरे पत्र मिलने से बढ़ते तनाव को लेकर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) व राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया है। स्टेशन के साथ दिल्ली-पंजाब रूट पर गुजरने वाली ट्रेनों की जांच की गई।
रेलवे पुलिस ने स्टेशनों के साथ ट्रेनों में भी सुरक्षा व गश्त बढ़ा दी है। छोटे स्टेशनों पर अलग से जवानों की तैनाती की गई है। साथ ही जीआरपी-आरपीएफ ने दिल्ली से आई डॉग स्क्वॉड टीम के साथ जांच अभियान चलाकर स्टेशन के चप्पे-चप्पे को खंगाला।
दिल्ली व अंबाला आरपीएफ-जीआरपी मुख्यालय से निर्देश मिलने पर आरपीएफ-जीआरपी ने सुरक्षा को कड़ा कर दिया है। स्टेशन पर आने वाले यात्रियों सहित दिल्ली की ओर नरेला व पानीपत की तरफ भोड़वाल माजरी तक ट्रेनों में हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
आरपीएफ थाना प्रभारी इंस्पेक्टर संगम यादव व जीआरपी थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार नेतृत्व में जांच तेज कर ट्रेनों में यात्रियों, सामान की जांच व गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। साथ ही यात्रियों को सतर्क रहने का परामर्श दिया जा रहा है।
ड्रोन से रेल ट्रैक व आसपास की हर गतिविधि पर नजर
सोनीपत के दिल्ली से सटा होने के कारण उच्च अधिकारियों ने यहां सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। सोनीपत आरपीएफ थाना में 29 व जीआरपी थाना में 32 पुलिसकर्मी तैनात हैं। आरपीएफ व जीआरपी मिलकर हर गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं। रेलवे स्टेशनों पर चौकसी बढ़ाने के लिए आरपीएफ-जीआरपी ने अलग से कर्मियों को तैनात किया है। गोहाना स्टेशन पर 10, गन्नौर स्टेशन पर 12 कर्मियों, राठधना स्टेशन पर 4 कर्मियों की ड्यूटी लगाकर सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। स्टेशनों के आसपास रेल लाइनों पर ड्रोन के माध्यम से पुलिस मुस्तैदी से जांच कर रही है। ड्रोन से रेल ट्रैक, गुजर रही ट्रेनों, ट्रैक के आसपास मौजूद लोगों पर नजर रखी जा रही है।
डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर की नहीं व्यवस्था
सोनीपत स्टेशन से रोजाना करीब 40 हजार यात्री दिल्ली व अंबाला सहित गोहाना जींद रूट पर आवागमन करते हैं। ऐसे में स्टेशन पर सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (डीएफएमडी) स्थापित नहीं है। भवन निर्माण के चलते स्टेशन के प्रवेश द्वार पर लगे डिटेक्टर को हटा दिया गया था।