सिंघु बॉर्डर जाते यूपी के किसान।
- फोटो : अमर उजाला
हरियाणा के एक हजार से ज्यादा किसान भी पंजाब के किसानों संग सिंघु बॉर्डर पर एकत्रित हैं। इनके अलावा हरियाणा से सटे यूपी की सीमा से करीब 100 से ज्यादा किसान भी सिंघु बॉर्डर पर पहुंचे। इस तरह किसान लगातार बढ़ते जा रहे हैं और वे किसी भी तरह से पीछे हटते नहीं दिख रहे हैं।
पंजाब से अभी लगातार किसान आ रहे हैं और वहां से सभी किसानों के आने के बाद ही मिलकर कोई फैसला लिया जाएगा। किसान मिलकर फैसला लेंगे कि आगे किस तरह का कदम उठाना है। क्योंकि यह किसी एक की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह पूरे देश के किसानों की लड़ाई है और सरकार को किसानों की बात माननी पड़ेगी। - गुरनाम सिंह चढूनी, प्रदेशाध्यक्ष भाकियू, हरियाणा।
सरकार अभी तक किसानों को हल्के में लेकर बात भी करने को तैयार नहीं थी। अब किसानों की ताकत देखकर सरकार बात करने के लिए कह रही है लेकिन इस तरह से मौखिक तौर पर कहने से कोई बात नहीं होगी और अब केवल पीएम व गृहमंत्री से बात होगी। सरकार को बातचीत के लिए लिखित में बुलावा भेजना होगा, क्योंकि तभी बात होने की उम्मीद है। अभी किसानों से बातचीत चल रही है और सभी मिलकर फैसला लेंगे। - बोघ सिंह मानसा, अध्यक्ष भारती किसान यूनियन मानसा।