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केजीपी के विरोध में सड़क पर किसान, पीएम को दिखाएंगे काले झंडे

Mon, 02 Nov 2015 12:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला (राई) सोनीपत
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करोड़ों रुपये की परियोजनाओं की आधाशिला रखने के लिए प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासन तैयारियों में जुटा है, वहीं किसानों ने प्रधानमंत्री का विरोध करने की रणनीति बनाई है।
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रविवार को जहां भाजपा नेता जिले भर में प्रधानमंत्री की जनसभा में पहुंचने के लिए न्यौता देते दिखे, वहीं किसानों ने जीटी रोड पर चेतना रैली निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया। केजीपी (कुंडली-गाजियाबाद-पलवल) के लिए अधिग्रहीत की गई जमीन का कम मुआवजा मिलने से नाराज किसानों ने साफ तौर पर प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।

किसानों का कहना है कि वे सड़क पर लेटकर या फिर काले झंडे दिखाकर कार्यक्रम का विरोध करेंगे। किसानों के ऐलान से खुफिया विभाग सतर्क हो गया है, वहीं जिला प्रशासन के भी हाथ-पांव फूले हुए हैं। बता दें कि इन्हीं किसानों ने केजीपी के लिए मिट्टी का सैंपल लेने आए ठेकेदार और उसके कारिंदों को भी कुछ दिन पहले वापस लौटा दिया था। किसानों ने स्पष्ट तौर पर बिना मुआवजा काम शुरू नहीं होने के संकेत पहले ही दे दिए थे।
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किसानों ने निकाली चेतना रैली, दिखाई शक्ति
राई। भूमि अधिग्रहण के विरोध में रविवार को भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में भारी संख्या में किसानों व महिलाओं ने नेशनल हाईवे-1 पर चेतना रैली निकाली। रैली में शामिल किसानों का कहना था कि वे पांच नवंबर की पीएम नरेंद्र मोदी की होने वाली रैली का विरोध करेंगे। किसानों ने कहा कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन किसानों के साथ अन्याय कर विकास नहीं करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि हरियाणा में केजीपी का 13 किलोमीटर का दायरा है, जिसमें किसानों को आने जाने के लिए अंडरपास और कटों की सुविधा मिलनी चाहिए। राई में कुंडली-गाजियाबाद-पलवल एक्सप्रेस के लिए किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया गया था, लेकिन भूमि अधिग्रहण के बदले किसानों को 16 लाख प्रति एकड़ का मुआवजा दिया गया है। चेतना रैली के बाद राजीव गांधी एजुकेशन सिटी के गेट पर किसानों की पंचायत भी हुई। पंचायत में ताहर सिंह, दिनेश, गुरनाम, तेजपाल, धर्मप्रकाश, पवन आदि मौजूद रहे।

विकास के लिए किसानों का नहीं होने देंगे शोषण
भारतीय किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष ओमसिंह ने कहा कि किसान विकास के विरोधी नहीं है, परंतु अगर यह विकास किसानों को कुचलकर किया जाएगा तो इसे सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब देश भूखा मर रहा था, उस समय किसानों ने आगे आकर देश में गेहूं के भंडार भर दिए। लेकिन अब उसी किसान की अनदेखी की जा रही है।

सत्ता में आते ही वादा भूली भाजपा
किसान नेता विरेंद्र बढख़ालसा ने कहा कि मुआवजा बहुत कम है, जबकि इस प्रोजेक्ट के लिए यूपी में जो जमीन अधिग्रहण हुआ है उसकी बदले उन्हें 60 लाख से ज्यादा का मुआवजा दिया गया। बीजेपी ने सता में आने से पहले किसानों को अधिग्रहण की गई जमीन छोड़ने का वादा किया किया था, लेकिन सता में आते ही बीजेपी अपना वादा भूल गई।

या तो दिखाएंगे काले झंडे या सड़क पर लेट जाएंगे किसान
किसानों ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर चार नवंबर तक उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे प्रधानमंत्री को काले झंडे दिखाकर या सड़क पर लेटकर पीएम कार्यक्रम का विरोध करेंगे। इसलिए जल्द से जल्द किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए।

जीटी रोड पर बनी रही जाम की स्थिति
अचानक किसानों के भारी संख्या में जीटी रोड पर उतरने के बाद जाम की स्थिति बन गई। किसान एक लेन पर हाथों में तख्ती व बैनर लेकर चल रहे थे, जिससे लेन पूरी तरह से बाधित हो गई। किसानों के निकलने के बाद ही जाम की स्थिति सामान्य हो सकी। पुलिस को वाहनों को निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

10 साल से लटका हुआ एक्सप्रेस-वे
ज्ञात रहे कि दिल्ली के चारों ओर बनने वाले एक्सप्रेस-वे को को लेकर एक बार फिर विवाद शुरू हो गया है। दिल्ली, यूपी और हरियाणा सरकार का यह सांझा प्रोजक्ट 10 साल से भी अधिक समय से अधर मेें है। दो माह पहले भी पीएम को केजीपी का शिलान्यास करने आना था, लेकिन पंचायत चुनाव की आचार संहिता के चलते ऐसा नहीं हो पाया। अब सोनीपत के पांच गांवों के किसान केजीपी के निर्माण के विरोध में खड़े हो गए हैं। किसानों ने पंचायत में फैसला लिया कि उन्हें यूपी की तरह ज्यादा मुआवजा मिलना चाहिए। साथ ही जमीन अधिग्रहण के बदले हर साल रायल्टी भी किसानों को दी जाए।

रैली की तैयारियों को लेकर आईजी और सांसद ने किया दौरा
दूसरी ओर पीएम कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर सांसद रमेश कौशिक और आईजी श्रीकांत जाधव ने रैली स्थल का जायजा लिया। सांसद ने अधिकारियों के साथ मंत्रणा करते हुए पूरे प्लान के बारे में विस्तृत चर्चा की। इस दौरान सांसद ने मंच स्थल से लेकर पंडाल तक की स्थिति का जायजा लिया। सांसद से पूर्व सुबह के समय कार्यक्रम स्थल पर आईजी श्रीकांत जाधव भी पहुंचे थे। आईजी ने भी पुलिस अधिकारियों को उनकी ड्यूटी के बारे में समझाया और आयोजन को लेकर पूरी सतर्कत बरतने के निर्देश दिए। इस दौरान संयुक्त आयुक्त फरीदाबाद संजय कुमार, एसपी कैथल श्रीकृष्ण मुरारी, एसपी झज्जर सुमित कुमार, एसपी सोनीपत अभिषेक कुमार, डीएसपी बहादुरगढ़ अजीत कुमार मौजूद रहे।
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