संवाद न्यूज एजेंसी
गोहाना। ग्रामीण जलापूर्ति व्यवस्था पंचायतों को सौंपने के विरोध में सोनीपत में जिलास्तरीय रोष प्रदर्शन किया गया। इसमें जिलेभर से करीब 250 कर्मचारी पहुंचे। अकेले गोहाना से 60 कर्मचारियों ने भाग लिया। कर्मचारियों ने अधीक्षण अभियंता जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
ऑल हरियाणा पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल कर्मचारी यूनियन और हरियाणा कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर हुए इस प्रदर्शन की अध्यक्षता जिला प्रधान रामलाल ने की। राज्य प्रधान नरेंद्र धीमान मुख्य वक्ता रहे जबकि मंच संचालन जिला सचिव सुभाष भट्टी ने किया।
प्रदर्शन में जन स्वास्थ्य विभाग के अलावा बीएंडआर और सिंचाई विभाग के कौशल व पक्के कर्मचारियों ने भी भाग लिया। कर्मचारियों ने कहा कि ग्रामीण जलापूर्ति पंचायतों को सौंपने से व्यवस्था प्रभावित होगी और कर्मचारियों का शोषण बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि पहले भी स्कूलों को जिला परिषद के अधीन करने के बाद कर्मचारियों को परेशानियां झेलनी पड़ी थीं।
कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाल करने, एनपीएस खत्म करने, खाली पदों पर पदोन्नति देने, लंबित एलटीसी जारी करने, वर्दी भत्ता और अन्य रुके भुगतान जारी करने की मांग उठाई। साथ ही कौशल कर्मचारियों को जॉब सिक्योरिटी देने और लंबित वेतन जारी करने की मांग भी रखी गई।
राज्य चेयरमैन रणबीर दलाल और प्रांतीय महासचिव अमरीक सिंह ने कहा कि सरकार को कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो कर्मचारी बड़ा आंदोलन करेंगे।