सोनीपत। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कार्यरत रैपिड रिस्पॉन्स टीम (आरआरटी) कर्मचारियों ने ड्यूटी रोस्टर में किए गए बदलाव का विरोध किया है। कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर उप सिविल सर्जन को ज्ञापन सौंपकर नया रोस्टर तत्काल वापस लेने की मांग की।
कर्मचारियों का कहना है कि नई व्यवस्था के तहत उन्हें अपने घर से 50 से 60 किलोमीटर दूर स्वास्थ्य केंद्रों में ड्यूटी करनी पड़ रही है। इससे उनका आर्थिक बोझ बढ़ने के साथ मानसिक परेशानी भी झेलनी पड़ रही है।
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कर्मचारी नेता कप्तान राणा ने बताया कि एनएचएम में स्थानांतरण की कोई स्पष्ट नीति नहीं है और अब तक कर्मचारियों की ड्यूटी उनके निवास के के नजदीक ही लगाई जाती थी लेकिन नए आरआरटी ड्यूटी रोस्टर के बाद कई कर्मचारियों को दूर-दराज के स्वास्थ्य केंद्रों में भेजा जा रहा है।
उनका कहना है कि पहले से ही वेतन दो से तीन महीने की देरी से मिलता है। ऐसे में रोजाना लंबी दूरी तय करने का अतिरिक्त खर्च उठाना मुश्किल हो गया है। कर्मचारियों ने मांग की कि पुराना ड्यूटी रोस्टर बहाल किया जाए। ड्यूटी उनके निवास के नजदीक स्वास्थ्य संस्थानों में लगाई जाए। कार्य के घंटे श्रम कानूनों के अनुरूप निर्धारित किए जाएं । अतिरिक्त कार्य के बदले उचित भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
जिला प्रधान अमित कुमार ने कहा कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो कर्मचारी आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होंगे।