राई, मुरथल और सोनीपत ब्लॉक की 26 पंचायतों से मिले पैसे से करोड़पति निगम अब अरबपति हो चुका है। ऐसे में छह माह पुराना प्रॉपर्टी टैक्स का सर्वे कराना भी भूल गया है। हालत यह है कि 31 मार्च को वित्त वर्ष 2015-16 खत्म हो जाएगा, लेकिन निगम ने टैक्स वसूलना तो दूर सर्वे तक शुरू नहीं किया है। पूछने पर अधिकारी केवल इतना कहते हैं कि उन्होंने फाइल मंजूरी के लिए चंडीगढ़ स्थित मुख्यालय भेज रखी है। मंजूरी मिलने के बाद ही निजी एजेंसी से सर्वे कराएंगे।
एकसाथ जमा कराना पड़ेगा दो साल का टैक्स
प्रदेश सरकार हाउस टैक्स वसूलने के लिए 31 दिसंबर तक टैक्स में 10 से 15 प्रतिशत की छूट देती रही, ताकि ज्यादा से ज्यादा हाउस टैक्स वसूला जा सके। दूसरी तरफ निगम प्रशासन टैक्स के सर्वे के लिए शांत बैठा है। इसका असर न केवल निगम की सेहत पर पड़ेगा, बल्कि आम लोगों पर भी एक साथ दो साल का टैक्स जमा कराने का दबाव आएगा। क्योंकि मौजूद वित्त वर्ष 31 मार्च को खत्म हो रहा है। तब तक टैक्स जमा करवाना तो दूर, सर्वे तक शुरू होने की संभावना तक नहीं है।
रिकार्ड में अब तक 75 हजार, डेढ़ लाख तक पहुंचने की उम्मीद
नगर निगम के पास फिलहाल नगर परिषद का पुराना रिकॉर्ड है, जिसके तहत सोनीपत सिटी में मात्र 75 हजार प्रॉपर्टी टैक्स धारक हैं। इसमें 50 हजार से ज्यादा आवासीय हैं, जबकि कामर्शियल टैक्स धारकों की संख्या मात्र 10 हजार के करीब है। बचे 5 हजार में शिक्षण, सामाजिक और दूसरे सरकारी भवन हैं।
पूरे एरिया में होना है निगम एक्ट के तहत सर्वे
पिछले साल जुलाई में सरकार ने नगर परिषद को भंग करके नगर निगम का दर्जा दिया गया। इसके लिए सरकार ने आसपास के 26 गांवों को निगम में शामिल किया। अब निगम प्रशासन ने पुराने शहर में जहां निगम एक्ट के तहत सर्वे कराकर प्रॉपर्टी टैक्स धारकों की पहचान करनी है, वहींनए शामिल एरिया में पहली बार शहरी निकाय विभाग में टैक्स जमा कराने के लिए डाटा एकत्र करना है।
देर होने से निगम के साथ पब्लिक का भी नुकसान
प्रॉपर्टी टैक्स के सर्वे से न केवल निगम को घाटा हो रहा है, बल्कि आम जनता भी एक साथ दो साल का प्रॉपर्टी टैक्स भरने में परेशानी महसूस करेगी। ऐसे में अधिकारियों को चाहिए कि मुख्यालय बात करके जल्द सर्वे शुरू करवाएं।
फाइल चंडीगढ़ मुख्यालय जा चुकी है। वहां से अनुमति मिलने के तुरंत बाद प्रॉपर्टी टैक्स के लिए सर्वे शुरू करा दिया जाएगा।
-राजीव रत्न, डीसी एवं निगम आयुक्त