गन्नौर। प्रॉपर्टी डीलर ने महिलाओं के साथ मिलकर दूसरे प्रॉपर्टी डीलर से 1.23 करोड़ रुपये ठग लिए। महिलाओं में एक ने खुद को आईपीएस बताया तो दूसरे ने दस करोड़ रुपये प्रॉपर्टी में लगाने का झांसा दिया। इसके अलावा एक अन्य महिला ने भी रुपये लिए। महिलाओं ने प्रॉपर्टी डीलर से उधार के नाम पर रुपये ऐंठ लिए हैं। गन्नौर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
गन्नौर निवासी राजेंद्र सिंह ने पुलिस को बताया कि वह प्रॉपर्टी डीलर का काम करता है। उनकी पहचान गन्नौर के दीपक शर्मा से है। अक्तूबर, 2023 में दीपक ने उन्हें कथित महिला रजनी उर्फ शशि और उसके बेटे उदित से मिलवाया था। रजनी ने करोड़ों की संपत्ति खरीदने की बात कहकर उनसे अपने बेटे को विदेश भेजने के नाम पर 65 लाख रुपये ले लिए।
इसके बाद दीपक ने एक अन्य महिला से मिलवाया। महिला ने बताया कि उनका पति विदेश में रहता है और अपना पैसा प्रॉपर्टी में लगाना चाहता है। इस पर उसने निशु नामक महिला को जमीन दिखाई। बाद में निशु ने उनसे 5 लाख रुपये की मदद मांगी। उसने दीपक के कहने पर उसे रुपये दे दिए। वह लगातार दीपक, रजनी और निशु से रुपयों की मांग करता रहा, मगर दीपक उन्हें आश्वासन देता रहा।
इसके बाद दीपक ने कथित आईपीएस अधिकारी प्रवीण कौर से मोबाइल पर बात करवाई। प्रवीण कौर ने बताया कि उनका चयन हो गया है। जल्द ही उसे नियुक्ति मिल जाएगी। नियुक्ति के बाद वह प्रॉपर्टी खरीदेगी। इसके बाद उनकी बात प्रवीण कौर से होती रही। इस दौरान प्रवीण ने भी उनको झांसे में लेकर 58 लाख रुपये ऐंठ लिए। प्रवीण ने कहा था कि नियुक्ति के लिए उन्हें रुपये देने हैं। शिकायतकर्ता ने बताया कि इस पूरे जाल में दीपक, रजनी, निशु, उदित, अजय व अन्य शामिल थे, जिन्होंने बार-बार पैसे लौटाने का झांसा दिया।
राजेंद्र ने बताया कि दीपक ने भरोसे में लेकर डेढ़ करोड़ का चेक और सात अन्य चेक सिक्योरिटी के रूप में दिए, जो बाद में बाउंस हो गए। जब उसने पैसे मांगे तो आरोपियों ने धमकी दी कि वह झूठे मुकदमे में फंसा देंगे। जान से मारने की धमकी भी दी। राजेंद्र सिंह ने ठगी की व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकार्डिंग और बैंक ट्रांजेक्शन के प्रमाण भी साथ दिए हैं। पीड़ित का कहना है कि जिस नंबर से आईपीएस बनकर महिला बात करती थी वह नंबर दीपक के परिवार की महिला के नाम पर मिला है। पुलिस ने शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ ठगी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।