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Sonipat News: मानसून से पहले ही फेल हुई तैयारी, एनएच-44 पर पानी हुई व्यवस्था

Sun, 14 Jun 2026 01:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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फोटो :: सोनीपत में कुमासपुर के सामने ​​स्थित एपेक्स ग्रीन सोसाइटी के पास हाईवे पर भरा पानी। संव
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सोनीपत। प्री मानसून से पहले हुई बारिश ने देश के सबसे व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्गों में शुमार एनएच-44 की जमीनी हकीकत उजागर कर दी। कुंडली से लेकर राई और गन्नौर तक कई स्थानों पर सड़क तालाब में तब्दील नजर आई। स्थिति इतनी गंभीर रही कि बारिश थमने के अगले दिन भी पानी सड़क पर भरा रहा। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की रखरखाव व्यवस्था और जल निकासी प्रबंधन पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
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वर्षों से उठ रही समस्या के बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं। रोड सेफ्टी समितियों की बैठकों में बार-बार जलभराव वाले स्थानों की पहचान और समाधान की बात की गई लेकिन धरातल पर स्थायी व्यवस्था अब तक दिखाई नहीं दे रही।
बारिश के बाद कुंडली क्षेत्र, राई गांव के सामने, देवीलाल पार्क के निकट, कुमासपुर स्थित सोसाइटियों के सामने और गन्नौर के गढ़ी कलां के आसपास सबसे अधिक जलभराव देखने के लिए मिला। कई जगह सड़क और पानी के बीच अंतर कर पाना मुश्किल हो गया।
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तेज रफ्तार भारी वाहनों के गुजरने से पानी उछलकर अन्य वाहनों पर गिरता रहा। इससे वाहन चालकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। स्थानीय निवासी राकेश, नीरज, मनोज, संदीप व संजय का कहना है कि इन स्थानों पर हर वर्ष बारिश के दौरान यही स्थिति बनती है।

केवल असुविधा नहीं, हादसों का भी खतरा
एनएच-44 दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर समेत उत्तर भारत के कई राज्यों को जोड़ने वाला प्रमुख राजमार्ग है। प्रतिदिन हजारों निजी वाहन, बसें और मालवाहक ट्रक इस मार्ग से गुजरते हैं। ऐसे में सड़क पर जमा पानी केवल यातायात बाधित नहीं करता बल्कि दुर्घटना होने की आशंका भी कई गुना बढ़ा देता है। जलभराव के कारण वाहन का फिसलना, गड्ढों का अनुमान न लग पाना, अचानक ब्रेक लगने की स्थिति और दृश्यता प्रभावित होने जैसे जोखिम बढ़ जाते हैं। रात के समय यह खतरा और गंभीर रूप ले लेता है।

बैठकों में चर्चा, जमीन पर असर नहीं

जिला स्तरीय रोड सेफ्टी बैठकों में एनएच-44 के जलभराव वाले हिस्सों को लेकर कई बार विस्तार से चर्चा हो चुकी है। अधिकारियों ने निरीक्षण भी किए गए, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान अभी तक नहीं निकल पाया है। यही कारण है कि हर बारिश के बाद वही तस्वीर दोहराई जाती है। एनएचएआई समय-समय पर सड़क रखरखाव, सुरक्षा और सुधार कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करता है। उसके बाद भी जलभराव से सवाल उठने लगे है।
वर्जन
राई के पास जलभराव का कारण ढाबे के सामने बनाया गया रैंप है। इसकी वजह से पानी की निकासी प्रभावित हुई है। देवीलाल पार्क के सामने सोसाइटी की तरफ से जीटी रोड की ओर पानी छोड़े जाने से जलभराव होता है। पुलिस को शिकायत भी दी गई है। पहले निकासी का पानी देवीलाल पार्क क्षेत्र में जाता था लेकिन वह मार्ग बंद होने के कारण समस्या बढ़ी है। जलभराव से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। -प्रांजल मिश्रा, प्रोजेक्ट इंजीनियर एनएचएआई

फोटो :: सोनीपत में कुमासपुर के सामने स्थित एपेक्स ग्रीन सोसाइटी के पास हाईवे पर भरा पानी। संव

फोटो :: सोनीपत में कुमासपुर के सामने स्थित एपेक्स ग्रीन सोसाइटी के पास हाईवे पर भरा पानी। संव

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