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Sonipat News: नगर निगम में मेयर उपचुनाव कराने की तैयारी, सरकार को भेजा प्रस्ताव

Thu, 28 Nov 2024 01:40 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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नगर निगम अधिकारियों ने मेयर का उपचुनाव कराने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए सरकार को प्रस्ताव भेज दिया गया है। निखिल मदान के विधायक बनने के बाद नगर निगम में मेयर का पद खाली हो गया है। इस वजह से वित्त एवं अनुबंध कमेटी की बैठक भी नहीं हो पा रही है। तत्कालीन मेयर के पास ही कमेटी के चेयरमैन का पद होता है। चेयरमैन की अध्यक्षता में ही शहर के विकास कार्यों पर मुहर लगती है। बिना चेयरमैन के शहर की विकास गाथा लिखना असंभव है।
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सोनीपत को वर्ष 2015 में नगर निगम बनाया गया था। इसके बावजूद दिसंबर, 2020 में पहली बार चुनाव कराया गया था। कांग्रेस के टिकट पर निखिल मदान ने भाजपा नेता ललित बतरा को 13817 वोटों से हराया था। इस चुनाव में मेयर व 20 वार्डों में पार्षदों को चुना गया। 7 जनवरी 2021 को नगर निगम के पहले मेयर निखिल मदान व निगम पार्षदों ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली थी। अभी नगर निगम के पार्षदों का कार्यकाल पूरा होने में 13 माह का समय बचा हुआ है। 5 अक्तूबर को हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर मेयर निखिल मदान ने जीत हासिल की और विधायक बने। 25 अक्तूबर को विधायक निखिल मदान के शपथ लेने के बाद नगर निगम में मेयर पद खाली हो गया था।
मेयर का उपचुनाव कराने के लिए नगर निगम आयुक्त डॉ. ब्रह्मजीत सिंह रांगी ने अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें मेयर पद पर उपचुनाव के लिए मंथन किया गया। निगमायुक्त ने अधिकारियों को उपचुनाव कराने के लिए तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए, साथ ही सरकार को उपचुनाव कराने का प्रस्ताव भेज दिया है। निगमायुक्त ने सरकार को सुझाव दिया है कि सरकार कुछ समय के लिए निगम पार्षदों के बीच मेयर का चुनाव कराए। दूसरा सुझाव मतदान कर लोगों के बीच से मेयर का चुनाव कराया जाए।
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2 लाख 48 हजार 99 मतदाताओं ने डाले थे वोट
नगर निगम क्षेत्र में 27 दिसंबर 2020 को मतदाताओं के लिए 245 बूथ बनाए गए थे। मतदान के लिए 2 लाख 48 हजार 99 मतदाताओं को शामिल किया था। अगर सरकार मतदान से चुनाव कराती है तो दोबारा से वार्डबंदी करनी होगी। मतदाता सूची को अपडेट करना होगा। चार साल में युवाओं की संख्या बढ़ी है, साथ ही मृत व्यक्तियों के वोट कटेंगे। ऐसे में कम से कम चार माह लग सकते हैं।
मेयर पद पर उपचुनाव कराने के लिए तैयारी शुरू कर दी है, साथ ही सरकार को प्रस्ताव भेज दिया है। सरकार को दो सुझाव भेजे गए हैं। शहर की सरकार का एक साल का कार्यकाल बचा हुआ है। ऐसे में सरकार निगम पार्षदों के बीच चुनाव कराए या फिर जनता के माध्यम से मेयर पद पर चुनाव कराए। जनता के बीच चुनाव कराने से नई मतदाता सूची बनाई जाएगी और वार्ड बंदी में भी समय लग सकता है। अब फैसला सरकार की तरफ से लिया जाना है।
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- डॉ. ब्रह्मजीत सिंह रांगी, आयुक्त, नगर निगम।
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