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प्रवासी भारतीय दिवस: लंदन में हरियाणवी संस्कृति को जीवंत रख रहे सोनीपत के युवा, छोड़ रहे अमिट छाप

Mon, 09 Jan 2023 07:01 AM IST
भूपेंद्र सिंह विष्णु कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)

सार

लंदन में रहने वाली रोहणा निवासी डॉ. संगीता दहिया हरियाणा वासियों के लिए मसीहा बनी है। 200 से अधिक युवाओं को रोजगार दिलवाया है। गांव औरंगाबाद निवासी संजीत कुमार लंदन में बनाई हरियाणा एसोसिएशन यूके में शामिल होकर सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देते हैं। वहीं कैंब्रिज यूनिवर्सिटी लंदन से पीएचडी कर रही सेक्टर-14 निवासी तमन्ना जैन जरूरतमंद बच्चों का आर्थिक सहयोग कर रही है।
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- रोहणा निवासी डॉ. संगीता दहिया लंदन में आयोजित सांस्कृतिक उत्सव में हरियाणा वासियों के साथ। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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बेहतरीन खानपान व खेलों में अपनी अलग पहचान बनाने वाले सोनीपत के युवा अब विदेशों में भी अपनी अमिट छाप छोड़ रहे हैं। सोनीपत के गांव रोहणा निवासी डॉ. संगीता दहिया, गांव औरंगाबाद निवासी संजीत शर्मा व सोनीपत सेक्टर-14 निवासी तमन्ना जैन लंदन में  रहकर भी वहां हरियाणवी संस्कृति मान बढ़ा रहे हैं।

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लंदन में हरियाणा एसोसिएशन यूके संस्था से जुड़कर हरियाणा को प्रमोट करते हैं। साथ ही सभी मिलकर हरियाणा दिवस, गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस, होली, दिवाली व अन्य सभी त्योहार धूमधाम से मनाते हैं।

विभिन्न उत्सवों में भी हरियाणवी संस्कृति की छटा बिखरने का कोई मौका नहीं चूकते। भारतीय प्रवासी दिवस के उपलक्ष्य में लंदन में हरियाणा का मान बढ़ाने वाले सोनीपत के इन युवाओं ने अमर उजाला से बातचीत करते हुए कहा कि प्रदेश को नई बुलंदियों पर ले जाने के लिए सदैव तत्पर रहेंगे। 
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लंदन में डॉ. संगीता दहिया दिवाली के मौके पर हरियाणा वासियों के साथ दीप जलाकर त्योहार मनाते हुए।

हरियाणा के युवाओं के लिए मसीहा बनीं डॉ. संगीता दहिया
गांव रोहणा निवासी डॉ. संगीता दहिया करीब पांच साल से लंदन में रह रही हैं और अपनी तीन कंपनियां चला रही हैं। लंदन में रहने के बावजूद उनका देश प्रेम उन्हें अपनी मातृभूमि से जोड़े हुए है। यही कारण है कि वह हरियाणा वासियों के लिए मसीहा बनी हुई हैं। लंदन में जाने के बाद अब तक करीब 200 से अधिक युवाओं को वहां बुलाकर रोजगार दिलवा चुकी हैं।

डॉ. संगीता ने बताया कि उन्होंने पहले भारत में ही अपना व्यापार शुरू किया था, लेकिन वहां की राजनीतिक व व्यापारिक परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने लंदन में काम शुरू करने का मन बनाया और प्रयास शुरू कर दिए। आज वह तीन कंपनियां चला रही हैं। अभी कनाडा व अमेरिका में भी नई कंपनियां शुरू करने पर विचार कर रही हैं। उन्होंने बताया कि पहले करनाल, कुरुक्षेत्र, लाडवा, पेहवा की तरफ से ही युवा विदेशों में जाते थे, लेकिन करीब 4 साल से रोहतक, सोनीपत, पानीपत के युवाओं में विदेश जाने का क्रेज बढ़ा है।

यहां के युवा अब रोजगार के लिए विदेशों में पलायन कर रहे हैं। नए साल में भी सोनीपत के गांव नाहरी, हलालपुर सहित अन्य गांवों से करीब 18 युवा रोजगार के लिए यूके पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि वह भले लंदन में रहती हैं, लेकिन अपनी संस्कृति से जुड़ी हुई हैं। हरियाणा के युवाओं को आगे ले जाने व रोजगार दिलवाने के लिए इसी प्रकार सहयोग करती रहेंगी। 


लंदन में संजीत शर्मा अपनी पत्नी मोनिका व बेटी अवनी के साथ दिवाली का त्योहार मनाते हुए। 

मिलकर मनाते हैं सभी त्योहार, फहराते हैं तिरंगा 
गांव औरंगाबाद निवासी संजीत  शर्मा ने बताया कि वह 15 साल से लंदन में रह रहे है और एक कंपनी में कार्यरत हैं। संजीत ने बताया कि वह पहले मर्चेंट नेवी में कार्यरत थे। वहीं से उन्होंने एक कंपनी में लिए आवेदन किया था, जहां उनका चयन हो गया। जिसके बाद वह लंदन में चले गए। यहां हरियाणा एसोसिएशन यूके संस्था के साथ जुड़कर अपनी संस्कृति को जीवंत रखने का काम कर रहे हैं। हरियाणा से आने वाले राजनेताओं को यही संस्था प्रमोट करती है। साथ ही विभिन्न उत्सव भी आयोजित करवाती है। लंदन में रहने के बावजूद सभी यहां अपनी संस्कृति से जुड़े हुए हैं।

यही कारण है कि सभी मिलकर होली व दिवाली व अन्य त्योहार बड़ी धूमधाम के साथ मनाते हैं। गणतंत्र दिवस व स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराकर सलामी भी देते हैं। विभिन्न उत्सवों में हरियाणा संस्कृति की छटा बिखरने के लिए हरियाणवी वेशभूषा में कई प्रस्तुतियां दी जाती हैं।

जिन पर खूब तालियां बजती हैं। संजीत शर्मा ने बताया कि भले ही अपनी मातृभूमि से दूर हों, लेकिन अपनी माटी की खुशबू का अहसास आज भी हैं। उनकी पत्नी मोनिका भी अपनी जड़ों से दूर नहीं हुई है। दिल्ली के गांव घोघा की मोनिका ने अपनी बेटी अवनी को भी भारतीय संस्कृति से रूबरू कराया है। वह सभी त्योहार मिलकर मनाते हैं। 

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छात्रवृत्ति से मिले पैसों से करती है जरूरतमंदों की मदद
सोनीपत के सेक्टर-14 निवासी तमन्ना जैन लंदन स्थित कैंब्रिज विश्वविद्यालय से पीएचडी कर रही है। तमन्ना सोनीपत में स्प्रेड स्माइल फाउंडेशन से 4 सालों से जुड़ी हुई है। संस्था की शुरुआत के समय तमन्ना झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले बच्चों को पढ़ाते के लिए स्प्रेड स्माइल पाठशाला में आती थी। कैंब्रिज विश्वविद्यालय में पीएचडी में दाखिला होने के बाद भी उन्होंने बच्चों को पढ़ाना नहीं छोड़ा।

वह जब भी समय मिलता है ऑनलाइन माध्यम से बच्चों के साथ जुड़ती हैं और हर संभव सहयोग के लिए तत्पर रहती हैं। वहां पढ़ाई करते हुए तमन्ना को जो छात्रवृति मिलती है, उसमें से भी जरूरतमंदों की सहायता के लिए आर्थिक सहयोग करती हैं। यही नहीं अन्य संस्थाओं में भी 4 से 5 परिवारों को कोविड के दौरान गोद लिया था, उनके पास भी स्प्रेड स्माइल फाउंडेशन के सहयोग से राशन पहुंचाती हैं।

तमन्ना जैन ने वहां पर अपने साथियों को भी इस तरह की प्रेरणा दी है, ताकि वह भी जरूरतमंदों के लिए आगे आएं। तमन्ना विज्ञान के क्षेत्र में पढ़ने वाले बच्चों के लिए काउंसिलिंग देने का भी बेहतरीन प्रयास कर रही है। विदेश में पढ़ने के इच्छुक विद्यार्थियों को छात्रवृति टेस्ट, धन की व्यवस्था सहित अन्य जानकारियां देती हैं।

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