फोटो 01- सोनीपत के ओल्ड डीसी रोड पर प्रभातफेरी निकालते गुरु सिंह सभा सुजान सिंह पार्क की प्रबंध
सोनीपत। सिख समुदाय के चौथे गुरु रामदास के प्रकाश दिवस के उपलक्ष्य में गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा सुजान सिंह पार्क की ओर से अलसुबह प्रभातफेरी निकाली गई। प्रभातफेरी शहर के विभिन्न गुरुद्वारों से होती हुई वापस गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा में संपन्न हुई। संगत की ओर से गुरु की ओर से उच्चारण की गई वाणी का पाठ किया गया। सभी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों की ओर से प्रभातफेरी का स्वागत किया गया।
गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के प्रधान सरदार कुलदीप सिंह, परमजीत सिंह ने बताया कि गुरु रामदास का जन्म 1534 ई. में लाहौर की चुना मंडी में पिता हरिदास सोढ़ी, माता दया कौर के घर हुआ। मात्र 7 वर्ष की आयु में ही गुरु के सिर से माता-पिता का साया हट गया। वह अपने छोटे भाई-बहन के साथ अपनी नानी के गांव बासरके चले गए। गुरु का बचपन बड़ा संघर्षमय था। वहां उनकी मुलाकात तीसरे गुरु अमरदास से हुई।
वह गुरु अमरदास की सेवा में ही रहने लगे। समय आने पर गुरु अमरदास ने उनके साथ अपनी पुत्री बीवी भानी का विवाह किया था। सेवा व विनम्रता के कारण गुरु रामदास सिखों के चौथे गुरु बनाए गए। गुरु रामदास ने ही अमृतसर साहिब में अमृत सरोवर की खोदाई करवाई, उनकी उच्चारण की गई वाणी श्री गुरु ग्रंथ साहिब में दर्ज है।
उन्होंने बताया कि गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा सुजान सिंह पार्क में 8 अक्तूबर रात को मुख्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। प्रभातफेरी में गुरुद्वारा समिति के सदस्य सरदार कुलदीप सिंह, सरदार जसवीर सिंह, सरदार विक्रम सिंह, सरदार उरविंदर सिंह, सरदार मनमदन सिंह सहित संगत मौजूद रही।