संवाद न्यूज एजेंसी
गोहाना। ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन वर्कर यूनियन के राज्य कमेटी के आह्वान पर बरोदा रोड स्थित सिटी सब डिवीजन में कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने हरियाणा एग्रो डिस्कॉम के विरोध में सरकार की अधिसूचना की प्रतियां जलाकर रोष जताया।
राज्य कमेटी सदस्य सुरेश यादव ने कहा कि वर्ष 1998 में बिजली विभाग का पुनर्गठन कर दो कंपनियां बनाई गई थीं। उस समय उदारीकरण के नाम पर विभाग को 498 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था जो अब बढ़कर करीब 29 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2010 में कृषि और घरेलू फीडरों को अलग-अलग कर दिया गया था। इससे किसानों को बेहतर और नियमित बिजली आपूर्ति मिल रही है। यादव ने आरोप लगाया कि सरकार अब हरियाणा एग्रो डिस्कॉम नाम से नई कंपनी बनाने की तैयारी कर रही है।
इसमें 3000 से 3600 कर्मचारी कार्य करेंगे। उनका कहना था कि इससे किसानों को मिलने वाली बिजली सब्सिडी प्रभावित हो सकती है। भविष्य में उन्हें महंगी दरों पर बिजली खरीदनी पड़ सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि नई व्यवस्था लागू होने पर किसानों की शिकायतों के समाधान में अधिक समय लगेगा।
कर्मचारियों ने कहा कि हरियाणा कृषि प्रधान प्रदेश है। किसानों के हितों को प्रभावित करने वाले किसी भी फैसले का वे विरोध करेंगे। इसी के तहत प्रदेशभर की सभी सब यूनिटों में कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया और एग्रो डिस्कॉम की अधिसूचना की प्रतियां जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन में जितेंद्र, नरेंद्र, प्रदीप, सोहन, सुनील, रूपेश, वीरेंद्र चोपड़ा, सुरेंद्र, पवन, रामधन, सुनील लठवाल सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।