सोनीपत। म्हारा गांव जगमग गांव योजना के तहत घर के बाहर मीटर लगवाकर सरकार ने बिजली बिल में आधी छूट की घोषणा जरूर कर दी, लेकिन अभी तक उपभोक्ताओं को छूट नहीं मिल रही है। लोगों ने घरों से मीटर बाहर निकलवा लिए हैं और गांवों को म्हारा गांव, जगमग गांव योजना में शामिल भी कर लिया है। बिल में छूट लेने के लिए मीटर बाहर निकलवाकर लोगों को बड़ा नुकसान तक झेलना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि हमारे घरों में पहले जितनी ही बिजली की खपत हो रही है, लेकिन घरों के बाहर नए मीटर लगाए जाने के बाद बिजली के बिल में पांच से दस गुना बढ़ोत्तरी हो गई है। पूरे जिले में 50 गांवों के करीब 52 हजार उपभोक्ता इस परेशानी से जूझ रहे हैं। उनके बिजली बिल कम नहीं किए जा रहे हैं। उधर निगम के एक्सईएन जेपी शर्मा का कहना है कि गांवों की रिपोर्ट तैयार की जा रही है, इसके आधार पर ही सब्सिडी शुरू कराई जाएगी।
जिले में घरों से मीटर बाहर निकालने का अभियान चलाया गया, जिसके तहत अभी तक लगभग 70 गांवों से मीटर बाहर निकाले गए हैं और उनको म्हारा गांव, जगमग गांव योजना में शामिल कर लिया गया है। पहले लोग मीटर बाहर निकालने का विरोध करते थे, लेकिन बिजली निगम के अधिकारियों ने उनको भरोसा दिलाया कि उनके मीटर घर से बाहर निकलने पर सब्सिडी का लाभ मिलने से बिल आधा हो जाएगा। लेकिन लगभग 50 गांवों के 52 हजार उपभोक्ताओं को अब परेशानी झेलनी पड़ रही है। उनका बिल भी बढ़कर आने लगा है और उनको सब्सिडी का लाभ भी नहीं मिल रहा है, जिनको अधिकारियों के पास चक्कर काटने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
अकबरपुर बरोटा गांव में छह माह पहले म्हारा गांव जगमग गांव योजना के तहत घरों के अंदर लगे बिजली के मीटर बाहर लगाए गए थे। उस समय बिजली निगम के अधिकारियों ने ग्रामीणों को बिल में 50 फीसदी की छूट देने का वादा किया था, जिसके तहत सभी ग्रामीणों के मीटर घरों से बाहर निकालकर खंभे पर लगा दिए थे। उस समय मीटर बदले भी गए थे और घर के अंदर लगे मीटरों को निगमकर्मी अपने साथ ले गए थे तो खंभे पर नए मीटर लगाए गए थे। लोगों ने मीटर घर से बाहर बिल कम करने के लिए लगवाए थे, लेकिन पिछले चार माह से उपभोक्ताओं के बिल दस गुना तक बढ़कर आने लगे। इस कारण लोगों की परेशानी बढ़ गई है और अब बिजली निगम के अधिकारी भी उनकी समस्या का समाधान करने को तैयार नहीं हैं। उनके बिल में 50 प्रतिशत की छूट तक नहीं दी जा रही है और अधिकारी उनको समस्या लेकर जाने पर टरका देते हैं।
पहले आता था 500 से 1000 का बिल अब पांच से दस हजार
अकबरपुर बारोटा गांव में बलबीर ने जनवरी माह में अपना पूरा बिल जमा कराने के बाद मीटर हटवा दिया था, क्योंकि पहले उसका व उसके भाई का परिवार अलग रहता था। अब दोनों परिवार एक साथ रहने लगे हैं, लेकिन अब उसका भी 16 हजार रुपये का बिल भेज दिया गया। ग्रामीणों का आरोप था कि जिन उपभोक्ताओं के 500 से 1000 रुपये का बिल आता था, अब उन उपभोक्ताओं के पांच हजार से दस हजार रुपये तक आने लगा है, जब वह बढ़े हुए बिल का आधा बिल जमा करने जाते हैं तो अधिकारी उन्हें पूरा बिल जमा करने की बात कहकर वापस भेज देते हैं। बिजली निगम के अधिकारियों से कई बार शिकायत करने के बाद भी ग्रामीणों की समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। शनिवार को ग्रामीणों ने बिजली निगम के खिलाफ रोष व्यक्त किया है। इस दौरान मंजू, लक्ष्मी, परमेश्वरी, सुनीता, कमला देवी, भंवर सिंह, वेदप्रकाश, संजय, लीलू, महावीर, किरन, सुरेश, भगवान, रामनिवासी, राजसिंह, वेदप्रकाश, दुलीचंद व चंद्रभान समेत अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
रिपोर्ट तैयार की जा रही
शहर में सभी मीटर बाहर लगने के कारण पूरी रिपोर्ट मुख्यालय भेजकर सब्सिडी का लाभ शुरू करा दिया गया है। गांवों की रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिससे यह साफ होगा कि किस-किस गांव में सभी घरों से मीटर बाहर निकल चुके हैं। उसके आधार पर गांवों में भी सब्सिडी शुरू करा दी जाएगी।
-जेसी शर्मा, एक्सईएन सिटी
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