राई। एचएसआईआईडीसी, राई स्थित रबड़ बेल्ट बनाने की फैक्टरी में आग लगने के मामले में जान गंवाने वाले तीसरे श्रमिक के शव का पोस्टमार्टम करा दिया गया है। परिजन शव लेकर यूपी के आजमगढ़ रवाना हो गए। हादसे में फैक्टरी मालिक के भतीजे समेत आठ लोगों की हालत अभी भी गंभीर है। तीन सदस्यीय जांच कमेटी के साथ ही पुलिस भी हादसे की जांच में जुटी है।
एचएसआईआईडीसी, राई स्थित सांवरिया एक्सपोर्ट फैक्टरी में रबड़ की बेल्ट बनाई जाती हैं। फैक्टरी में 28 मई की शाम करीब पौने चार बजे अचानक आग लग गई थी। फैक्टरी कर्मी व अन्य अधिकारी आग पर काबू पाने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान अन्य फैक्टरी मालिक व श्रमिक भी मौके पर पहुंच गए थे।
इसी बीच अचानक हुए ब्लास्ट में कई लोग झुलस गए थे। जिसमें बचाव कार्य में मदद को पहुंचे राई औद्योगिक क्षेत्र के फैक्टरी संचालक दिल्ली के प्रीतमपुरा निवासी राहुल जैन व उनके पिता सीताराम, राई इंडस्ट्रियल एरिया मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन (रीमा) के प्रधान राकेश देवगन, रबड़ फैक्टरी मालिक दिल्ली के रोहिणी निवासी दुलीचंद अग्रवाल के भाई शालीमार बाग दिल्ली निवासी नंद गोपाल अग्रवाल व उनके बेटे अंशुल अग्रवाल भी झुलस गए थे।
राहुल जैन की सफदरजंग अस्पताल दिल्ली और उत्तर प्रदेश के जिला बरेली के गांव चठिया छिज्जू के ओमेंद्र (50) व यूपी के जिला आजमगढ़ निवासी रामचंद्र की बहालगढ़ के निजी अस्पताल में मौत हो गई थी। पुलिस ने शुक्रवार को रामचंद्र के शव का पोस्टमार्टम करा दिया है। पुलिस मामले में ओमेंद्र के बेटे सुमित के बयान पर फैक्टरी मालिक दुलीचंद के खिलाफ लापरवाही का मुकदमा दर्ज कर चुकी है।
फैक्टरी 312 मीटर में चल रही थी। जिसमें हादसा अंदर रखे साल्वेंट के ड्रम फटने से हुआ था। मामले में एसडीएम अमित कुमार के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि टीम शनिवार को अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंप देगी।
झुलसे आठ घायलों की हालत अभी भी गंभीर
आग से झुलसे आठ घायलों की हालत अभी भी गंभीर है। फैक्टरी मालिक का भतीजा अंशुल व रीमा प्रधान राकेश देवगन दिल्ली में उपचार ले रहे है। अन्य गंभीर हालत में घायल पीजीआई रोहतक व खानपुर मेडिकल कॉलेज में उपचार ले रहे हैं।
वर्जन
फैक्टरी में आग लगने के मामले में जान गंवाने वाले तीसरे श्रमिक के शव का पोस्टमार्टम करा दिया गया है। मामले में जांच जारी है।
इंस्पेक्टर उमेश कुमार, थाना प्रभारी, राई