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जाट बहुल गांव ने मिस्त्री को घर से बुलाकर चुना सरपंच

Mon, 04 Jan 2016 12:41 AM IST
आशीष मुदगिल/ गन्नौर
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जाट व पिछड़े वर्ग के नाम पर प्रदेश में चल रही राजनीति के बीच गन्नौर खंड के गांव भांवर ने मिसाल पेश की है। जाट बाहुल्य भांवर गांव ने मिस्त्री बिजेंद्र जांगड़ा को घर से बुलाकर सर्वसम्मति से सरपंच चुन लिया। 10वीं पास बिजेंद्र पिछड़ा वर्ग से संबंध रखता है।
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खास बात यह है कि बिजेंद्र जांगड़ा सरपंच पद के लिए चुनाव की दौड़ में भी नहीं था। दूसरा, गांव में सरपंच पद सामान्य वर्ग के लिए था। चुनाव मैदान में उतर चुके जाट समाज के छह लोगों ने पंचायत के बीच लिखित में हस्ताक्षर कर नामांकन न दाखिल करने का फैसला किया। इतना ही नहीं, ग्रामीणों ने सात पंचों का भी सर्वसम्मति से चयन किया है।
 
सरपंच के दावेदार रहे रणधीर सिंह ने बताया कि गांव में करीब आठ सौ वोट हैं। इनमें जाट समुदाय 60 प्रतिशत, जबकि 40 प्रतिशत में खाती, जोगी, बनिया, एससी/बीसी आते हैं। 1958 में भांवर गांव समस्तपुर से अलग हो गया। तभी से केवल एक बार 1984 को छोड़कर हर बार जाट समुदाय का व्यक्ति सरपंच बनता रहा है। इस बार पिछड़ा वर्ग के लोगों ने सरपंच बनने की इच्छा जाहिर की थी।
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10 सदस्यीय कमेटी ने लिया फैसला, घर से बुलाकर चुना सरपंच
रविवार को गांव में पंचायत हुई, जिसमें सभी छह दावेदारों रणधीर, राजेश, पवन, सत्येंद्र, विनोद व प्रेम सिंह को बुलाया गया। दो घंटे चली पंचायत में फैसला हुआ कि गांव में सर्वसम्मति से पंचायत का चयन होगा। इस बार पिछड़े वर्ग से सरपंच बनेगा, चाहे गांव में सरपंच पद आरक्षित नहीं है।

बुजुर्गों की 10 सदस्यीय कमेटी बनाई गई, जिसने चिनाई मिस्त्री एवं ठेकेदारी का काम करने वाले बिजेंद्र जांगड़ा को सरपंच बनाने का फैसला किया। खास बात यह रही कि बिजेंद्र ने न तो चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की थी और न ही पंचायत में मौजूद था। उसे फोन करके बुलाया गया। इसके साथ ही वार्ड-1 से प्रेमसिंह, वार्ड-2 से बिमला, वार्ड-3 से सुरजभान, वार्ड-4 से सुनीता, वार्ड-5 से नरेंद्र, वार्ड-6 से रणजीत सिंह और वार्ड-7 से राजेंद्र शामिल को पंच बनाने पर फैसला हुआ है।

गांव के भरोसे पर उतरूंगा खरा : जांगड़ा
ग्रामीणों द्वारा चुने गए सरपंच बिजेंद्र का कहना है कि जो गांव ने उन पर भरोसा जताया है उस पर वे खरा उतरेंगे और गांव की हर समस्या को दूर कराने का प्रयास करेंगे। चाहे उसमें गांव में पार्क बनाने की बात हो या फिर सफाई की, वे हर कार्य को पूरी लग्न के साथ करेंगे। गांव में पंचायती जमीन पर हुए कब्जे को खाली कराना तथा गांव के लोगों की सहमति से सभी विकास कार्य कराना प्राथमिकता रहेगी।

दूसरे नहीं भरेंगे नामांकन, प्रशासन की अनुमति मिलनी बाकी
हालांकि पंच, सरपंच एवं ब्लॉक समिति के चुनाव के लिए गन्नौर ब्लॉक के उम्मीदवार पांच जनवरी से नौ जनवरी तक नामांकन दाखिल करेंगे, लेकिन भांवर गांव के ग्रामीणों ने नामांकन प्रक्रिया के दो दिन पहले ही अपने सरपंच और पंच का चुनाव स्वयं कर लिया है।

11 जनवरी को उम्मीदवारों द्वारा भरे गए नामांकन पत्रों व उसके साथ संलग्न किए गए दस्तावेजों की जांच पड़ताल की जाएगी। इसके बाद 13 जनवरी तक उम्मीदवार अपना नामांकन वापस ले सकता है। 24 जनवरी को ब्लॉक में मतदान की प्रक्रिया होगी। बता दें कि 1984 में बनिया समुदाय से सरपंच चुना गया था।
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