सोनीपत। दिल्ली-एनसीआर में शामिल सोनीपत में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) लागू होने के बाद भी सोनीपत में वीरवार को एप पर एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 301 दिखाई दे रहा था। एप पर दिख रहे अन्य शहरों में यह सबसे अधिक था। हालांकि रात नौ बजे इसमें कमी आई और यह 284 पर पहुंच गया।
वीरवार को दोपहर एक बजे सोनीपत में एक्यूआई 301 पर पहुंच गया था। यह बेहद खराब श्रेणी में आता है। इस कारण हृदय व दमा रोगियों को सर्वाधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग) ने 1 अक्तूबर से ग्रैप लागू कर दिया है। ग्रैप के बावजूद सोनीपत में प्रदूषण का स्तर काफी अधिक दिख रहा है। सोनीपत में रात नौ बजे एक्यूआई में गिरावट आई और यह 284 पर पहुंचा। एप पर दिखाई दे रहे आंकड़ों में सोनीपत देश में सबसे अधिक प्रदूषित शहर रहा। सोनीपत के बाद गुरुग्राम में 300 व कैथल में 296 एक्यूआई दिखाई दिया।
धान की पराली जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। मुरथल स्थित एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सेंटर के पास किसान के पराली जलाने से इसमें बढ़ोतरी दिखाई दी। अभी तक किसी फैक्टरी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। किसानों से अपील है कि वह पराली ना जलाएं।
प्रदीप सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सोनीपत