सोनीपत। दीपों के पर्व दिवाली पर जिले में प्रतिबंध के बावजूद जमकर आतिशबाजी हुई। जिससे जिले की हवा में एक बार फिर जहर घुल गया। दिवाली से पहले हुई बूंदाबांदी के बाद जिले का वायु गुणवत्ता सूचकांक 87 पर आ गया था, लेकिन दिवाली पर हुई आतिशबाजी के बाद प्रदूषण का स्तर फिर बढ़ गया। सोमवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक औसतन 254 दर्ज किया गया। जो स्वास्थ्य के लिए खराब माना जाता है। सामान्य तौर पर हवा का एक्यूआई 100 माइक्रोग्राम प्रति मीट्रिक क्यूब तक होना चाहिए।
जिला प्रशासन ने बढ़ते प्रदूषण स्तर को कम करने के लिए अन्य प्रतिबंधों के साथ पटाखों की बिक्री व
इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध लगाया था। नियमों की सख्ती से पालना करवाने के लिए दिवाली से पहले विभिन्न स्थानों पर जांच कर कई स्थानों से पटाखों का स्टॉक पकड़ा था। इसके बावजूद शहरी के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में दिवाली पर जमकर आतिशबाजी की गई। जिससे वायु में एक बार फिर जहर घुल गया। हालात यह रहे कि सोमवार को शाम तक एक्यूआई बढ़कर 272 तक पहुंच गया था। जिससे वातावरण में कुछ समय के लिए प्रदूषण की परत भी छाई रही। सोमवार को -पीएम-2.5 का स्तर बेहद खतरनाक स्थिति में पहुंच गया। यह 360 दर्ज किया गया दर्ज, पीएम-10 भी 188 रहा।
अगले आदेश तक लागू रहेंगे ग्रैप-4 के नियम
दिल्ली एनसीआर में वायु प्रदूषण फिर से बढ़ने के कारण ग्रैप-4 के प्रतिबंधों में कोई ढिलाई नहीं देने का निर्णय लिया गया है। ग्रैप-4 के तहत प्रदूषण विरोधी उपाय सीएक्यूएम (वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग) के अगले आदेश तक लागू रहेंगे। आवश्यक सामान ले जाने वाले और आवश्यक सेवाओं और सीएनजी और इलेक्ट्रिक ट्रकों को छोड़कर सभी ट्रकों को दिल्ली में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
आतिशबाजी में 13 लोग झुलसे
दिवाली पर्व पर जिले में विभिन्न स्थानों पर आतिशबाजी करते13 लोग झुलस गए। परिजन उन्हें लेकर नागरिक अस्पताल में पहुंचे। जहां चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी। अस्पताल में पहुंचे लोगों में बच्चे भी शामिल रहे। जिन्हें उपचार दिया गया। आतिशबाजी से झुलसने वालों में अजय कुमार निवासी सिद्धार्थ कॉलोनी, दीपांशु चार साल निवासी कुम्हार गेट, अनिल, कोमल 13 साल निवासी कबीरपुर, तरूण निवासी प्रगति नगर, नवीन निवासी मोहाना, सुरेंद्र निवासी जाखौली, खेमराम निवासी कबीरपुर, प्रदीप निवासी मोहल्ला, ललित निवासी बीसवां मील, डिम्पल निवासी आदर्श नगर, मोहित निवासी तारा नगर सहित अयान सोनीपत पटाखे जलाते समय झुलस गए। डाॅ. संदीप ने बताया कि सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई थी। ज्यादातर घायलों में लोगों के हाथ व चेहरा झुलसा हुआ था।
जिले में लगातार बढ़ते प्रदूषण के चलते दिवाली पर होने वाली आतिशबाजी पर प्रतिबंध लगाया गया था।
लोगों को पटाखे न जलाने के लिए जागरूक भी किया गया था। इसके बावजूद विभिन्न स्थानों पर बम-पटाखे जलाए गए। त्योहारी सीजन में प्रदूषण को फैलने से रोकने के लिए लगातार कारगर कदम उठाए जा रहे हैं।
डाॅ. मनोज कुमार, उपायुक्त, सोनीपत
फोटो 27- सोनीपत के गांव रोहट में दीवाली पर्व पर आतिशबाजी करते लोग। संवाद
फोटो 27- सोनीपत के गांव रोहट में दीवाली पर्व पर आतिशबाजी करते लोग। संवाद