गांव कटवाल की नवनिर्वाचित सरपंच पर फर्जीवाड़े का आरोप लगा है। आरोप पंचायती चुनाव में दूसरे नंबर पर रही प्रवेश कुमारी ने लगाए हैं। आरोप है कि सरपंच अनीता ने पहले अनपढ़ बताकर बुढ़ापा पेंशन बनवाई और अब पढ़ी-लिखी बनकर सरपंची जीत ली। गिनती के 4 वोटों से चुनाव में पराजित हुईं निकटतम प्रतिद्वंद्वी द्वारा फर्जीवाड़े के कागजी दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं। प्रवेश कुमारी का कहना है कि हालांकि बुढ़ापा पेंशन बनवाने की न्यूनतम उम्र 60 साल है, लेकिन खुद को अनपढ़ बताकर अनीता तब से वृद्धावस्था पेंशन ले रही हैं जब उनके पति जगदीश गांव के पंच हुआ करते थे।
प्रवेश कुमारी द्वारा पत्रकारों के सामने पेश दस्तावेजों के अनुसार अनीता देवी की जन्म तिथि को लेकर भी विवाद है। अनीता गोहाना विकास खंड के ही ककाणा गांव की बेटी हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी जन्म प्रमाणपत्र के मुताबिक उनकी जन्मतिथि 1 फरवरी 1967 है। हालांकि खानपुर कलां गांव के कन्या गुरुकुल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, जहां से अनीता ने 29 अप्रैल 1980 से 31 मार्च 1982 तक कक्षा 9 और कक्षा 10 की पढ़ाई की। स्कूल की प्रिंसिपल द्वारा 29 जनवरी 2016 को जारी प्रमाणपत्र के मुताबिक अनीता की जन्मतिथि 7 जुलाई 1966 है। दोनों जन्म तिथियों में से किसी के भी मुताबिक अनीता की उम्र आज भी 60 साल नहीं है। बता दें कि 17 जनवरी को दूसरे चरण में कटवाल गांव में वोट डाले गए थे। मतगणना में अनीता को 662 और प्रवेश कुमारी को 658 वोट मिले थे।
क्या बोले सरपंच के पति
नवनिर्वाचित सरपंच अनीता देवी के पति जगदीश का कहना है कि उन्होंने सितंबर 2015 में खट्टर सरकार की नीति के मुताबिक ली गई पेंशन की रकम को ब्याज सहित सरकारी खजाने में जमा करा दिया था। इसके बाद उन्होंने पेंशन नहीं ली। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं मालूम कि उनकी पेंशन किसने अनपढ़ दर्ज करते हुए बनाई। उनकी जन्म तिथि 7 जुलाई 1966 है। 31. परास्त प्रत्याशी प्रवेश कुमारी।