बिजली के बढ़े बिलों को लेकर कड़ाके की ठंड के बीच राजनीति गरमा गई है। शुक्रवार को पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, जिले के कांग्रेस विधायक कुलदीप शर्मा, जयतीर्थ दहिया, जगबीर मलिक और श्रीकृष्ण हुड्डा के साथ आज लघुसचिवालय के बाहर धरना देंगे। इस पर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव जैन ने कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेसियों को आम लोगों की झूठी हमदर्दी लेने से बाज आना चाहिए। क्योंकि कांग्रेस व इनेलो ही बिजली निगम की खस्ता हालत के लिए जिम्मेदार है। इनेलो ने जहां बिजली बिल भरने बंद कराए, वहीं कांग्रेस ने 1600 करोड़ के बिल माफ कर बिजली निगम का दिवाला निकाल दिया। इसके बावजूद आज भाजपा दूसरे राज्यों से सस्ती बिजली प्रदेश में दे रही है।
जैन ने कहा कि कांग्रेस शासन में 10 साल मुख्यमंत्री रहते हुए भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने वर्ष 2013 में 29 मार्च को कैबिनेट की बैठक कर नियामक आयोग के उस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी, जिसमें वर्ष 2015-16 में बिजली दरों में 15 फीसदी की बढ़ोतरी की जानी थी। नियामक आयोग द्वारा 7 मई 2015 को जो निर्णय लिया गया था, उसके अनुसार दरों में 8.5 प्रतिशत बढ़ोतरी की। इससे 100-500 यूनिट तक खपत वाले उपभोक्ताओं पर 16 से 27 प्रतिशत और 500 से 800 यूनिट तक खपत वाले उपभोक्ताओं पर 26 से 36 प्रतिशत तक बोझ बढ़ गया। नियामक आयोग द्वारा अपने निर्णय में देरी करने और उसे 1 अप्रैल 2015 से लागू कर अगस्त-सितंबर में बकाया बिलों के साथ उपभोक्ताओं को भेज दिया गया। इससे उपभोक्ताओं को एकदम से झटका लगना स्वाभाविक था। लेकिन भाजपा सरकार के हस्तक्षेप के बाद नियामक आयोग द्वारा पूर्व दरों में बदलाव किया गया, जिससे हरियाणा में घरेलू उपभोक्ताओं को पंजाब और दिल्ली से कम दर पर बिजली उपलब्ध होनी शुरू हो गई है। इसके बावजूद कांग्रेस और इनेलो राजनीति कर रही हैं, लेकिन आम जनता सब जानती है।