लोकसभा में कांग्रेस के प्रदेश से एकमात्र सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा का कहना है कि गोहाना के दलित युवक की मौत के मामले में एसआईटी जांच कर रही, लेकिन उससे पहले ही सीएम द्वारा मामले को आत्महत्या करार देना कहां तक उचित है। इतने बड़े संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को इस तरह का बयान नहीं देना चाहिए था। वे बुधवार को पीड़ित परिवार से बातचीत करने के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
रोहतक के सांसद ने कहा कि गोहाना का पूरा इलाका और कांग्रेस पार्टी पीड़ित परिवार के पूरी तरह साथ है। 22 अक्टूबर से अब तक सरकार की इस तरफ से मामले में जो कार्रवाई की गई है। उसमें हम संतुष्ट नहीं हैं। एक तरफ तो मुख्यमंत्री मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित कर रहे तो दूसरी तरफ खुद इस घटना को आत्महत्या बता रहे हैं। अगर प्रदेश का एक मुखिया ही मामले का फैसला कर देता है तो उसमें किसी प्रकार की जांच नहीं हो सकती। कांग्रेस पार्टी देश के प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और मुख्यमंत्री से मांग करती है कि इस मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच हो। इसके अलावा परिवार को आर्थिक सहायता और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दे। जिससे परिवार को गुजार हो सके। इस मौके पर गोहाना विधायक जगवीर मलिक, बरोदा विधायक कृष्ण हुड्डा, खरखौदा विधायक जयबीर बाल्मिकी, कलानौर विधायक शकुंतला खटक, इंदुराज नरवाल, अनूप मलिक, सतपाल सांगवान और कमला भावड़ आदि उपस्थित थे।