महिला को विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने के आरोप में गिरफ्तार नाइजीरिया के नागरिक से पूछताछ में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि अंतरराष्ट्रीय गैंग के साथ ही कई स्थानीय युवक भी शामिल हैं। साइबर ठगी करने वाले गैंग ने सात देशों में ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया है। इनके गुर्गे हरियाणा-दिल्ली सहित देश के प्रत्येक राज्य में हैं। पुलिस को उलझाने के लिए यह पैसों को अपने गैंग के दूर-दराज के राज्यों के गुर्गों के खातों में डालते हैं। इसके साथ ही पैसों को कई खातों में एक-एक कर ट्रांसफर करके जांच को अत्यंत जटिल बना देते हैं। गैंग के गुर्गे से पूछताछ के आधार पर साइबर थाना पुलिस और सीआईए ने गैंग के स्थानीय गुर्गों की तलाश शुरू कर दी है।
साइबर थाना पुलिस ने नाइजीरिया के रहने वाले डाबिइची मार्क ओपेरा को बंगलूरू से गिरफ्तार किया था। वह नाइजीरिया से स्टडी वीजा लेकर भारत आया था और यहां पर ऑनलाइन ठगी करने वाले गैंग के लिए काम करने लगा। वह दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में ही ऑनलाइन ठगी की 20 से ज्यादा वारदात को अंजाम दे चुका है। अभी तक वह करोड़ों रुपयों की राशि को अपने गैंग के सदस्यों के खातों में ट्रांसफर कर चुका है। साइबर थाना पुलिस ने उसको ओमेक्स की रहने वाली आकांक्षा के साथ हुई ठगी के मामले में गिरफ्तार किया है। आकांक्षा को अमेरिका में नौकरी लगवाने का झांसा देकर ऑनलाइन ठगों ने 7.65 लाख रुपये की ठगी कर ली थी। आरोपी ने बताया है कि वह ठगी करने में फर्जी आईडी पर लिए गए मोबाइल सिम का प्रयोग करते हैं। उनके गैंग के लिए काम करने वाले हरियाणा और दिल्ली में कई गुर्गे हैं। जिनको साइबर ठगी के सहायता करने के लिए मोटी राशि कमीशन के रूप में दी जाती है। पुलिस उससे लगातार पूछताछ कर रही है।