संवाद न्यूज एजेंसी
गन्नौर। गांव पुरखास राठी में कैंसर की रोकथाम के नाम पर मौत का टीका लगाकर सहायक पंप ऑपरेटर की हत्या करने के मामले में गिरफ्तार आरोपी ने कबूल किया है वह एक दिन पहले ही दवा चोरी कर लाया था। इसके बाद उसने एटराक्यूरियम को अपनी प्रेमिका को देकर पिता को इंजेक्शन लगवा दिया था। पुलिस अब आरोपियों से वारदात में प्रयुक्त बाइक व बची हुई दवा बरामद करेगी। आरोपी अस्पताल में आठ माह से काम कर रहा था। वहीं युवती करीब सवा माह पहले ही आई थी।
गांव पुरखास राठी निवासी परमिंदर ने 12 मई को गन्नौर थाना पुलिस को बताया कि उनके पिता दलबीर (51) जनस्वास्थ्य विभाग में सहायक पंप ऑपरेटर कार्यरत थे। उनका छोटा भाई नवीन सोनीपत के निजी अस्पताल में वार्ड ब्वॉय है। उनके पिता को 12 मई को एक महिला ने कैंसर रोकथाम के नाम पर इंजेक्शन लगाया था। इसके बाद उनकी मौत हो गई थी। पुलिस ने मामले में मृतक के बेटे नवीन को गिरफ्तार कर लिया था। जिसने अपनी प्रेमिका सुषमा के साथ पिता की हत्या की वारदात को अंजाम देना कबूल किया था। उसने बताया था कि वह शादी करना चाहते थे, लेकिन दोनों अलग-अलग जाति से हैं। इसके चलते आशंका थी कि पिता व भाई अंतरजातीय विवाह को स्वीकार नहीं करेंगे। आरोपी ने पुलिस को बताया है कि वह वारदात से एक दिन पहले ही निजी अस्पताल से एटरा क्यूरियम दवा चोरी कर लाया था। अब पुलिस वारदात में प्रयुक्त बाइक व बची हुई दवा बरामद करेगी।
वहीं अस्पताल अधिकारी का कहना है कि युवक सितंबर, 2023 से उनके पास काम कर रहा है और युवती अप्रैल माह से ही अवैतनिक आने लगी थी। मई माह से ही उन्होंने उसे पांच हजार रुपये देने की बात कही थी।