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भ्रूण लिंग जांच कराने को पहले फर्जी आधार कार्ड बनवाया, फिर 20 हजार रुपये ऐंठ लिए, दो महिलाएं काबू

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सोनीपत। जिले की स्वास्थ्य विभाग की टीम ने फर्जी आधार कार्ड बनवाकर भ्रूण लिंग जांच कराने के नाम पर रुपये ऐंठने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। टीम ने उत्तरप्रदेश के मेरठ जिले के मोदीपुरम में छापा मारते हुए दो आरोपी महिलाओं को काबू कर लिया, जबकि इस मामले में शामिल एक आरोपी महिला का पति फरार हो गया। यह पूरा गिरोह सामान्य अल्ट्रासाउंड कराने के बाद लड़का या लड़की बताकर रुपये ऐंठता था, जिनके पास से अल्ट्रासाउंड कराने को लिए गए 20 हजार रुपये में से 10 हजार बरामद कर लिए गए हैं। इन सभी के खिलाफ पल्लवपुरम थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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पीसीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. आदर्श शर्मा को सूचना मिली थी कि मेरठ में गर्भवती महिलाओं की भ्रूण लिंग जांच की जाती है। इसके बाद टीम का गठन किया गया, जिसमें डॉ. आदर्श शर्मा, डॉ. संदीप लठवाल, डॉ. सुभाष गहलावत, डॉ. अनविता कौशिक, मनोज जांगड़ा और रजनीश डबास शामिल रहे। डिकॉय महिला की मेरठ में गांव लाला मोहम्मदपुर की रहने वाला संजीव बबली से मुलाकात कराई। इस दौरान भ्रूण जांच कराने के लिए दोनों के बीच 20 हजार रुपये में बात तय हुई। इसके बाद संजीव डिकॉय महिला को बाइक पर बैठाकर अपने घर कंकरखेड़ा में ले गया। वहां उसने डिकॉय महिला को अपनी पत्नी बबली से मिलवाया। कुछ समय बाद वहां से बबली डिकॉय महिला को स्कूटी पर बैठाकर नारायण फार्म हाउस के पास लेकर गई। वहां प्रवेश से डिकॉय महिला को मिलवाया। इसके बाद प्रवेश ने आयुष्मान अस्पताल में जाकर अल्ट्रासाउंड की पर्ची बनवाई। इसके साथ ही बबली ने फर्जी आधार कार्ड बनवाया और कोटपाल नर्सिंग होम में ले जाकर फर्जी आधार कार्ड दिखाकर अल्ट्रासाउंड करा दिया। डिकॉय महिला को बाहर आने के बाद जांच में लड़की होने की बात बताई गई। उसी समय पीसीएनडीटी की टीम अपने साथ पल्लवपुरम थाना पुलिस को लेकर पहुंच गई और अस्पताल के बाहर से दोनों महिला आरोपियों को काबू कर लिया। जिनके पास से 10 हजार रुपये बरामद किए। ये आरोपी सामान्य अल्ट्रासाउंड कराकर खुद ही लड़का या लड़की बता देते थे और इसके बदले ही रुपये ऐंठते थे। इस मामले में तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। जिनमें से एक आरोपी संजीव फरार है।
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