राई। फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रहे पॉक्सो एक्ट के मामले में आरोपी की उम्र कम दिखाने के लिए बचाव पक्ष की ओर से झूठा आयु प्रमाण पत्र दाखिल किया गया। मामले की जांच में इसका पता लग गया। जिसके बाद अब मुरथल थाना में मुकदमा दर्ज किया गया है।
मुरथल थाना में जुलाई 2023 में पॉस्को एक्ट, दुष्कर्म व हत्या की कोशिश का मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसमें आरोपी नीरज निवासी बिहार के जिला कटिहार ने खुद को नाबालिग बताया था। उसने पुलिस को एक जन्म प्रमाण पत्र दिया था। जिसमें उसने खुद को 17 साल का बताया था। मुरथल थाना पुलिस के जांच अधिकारी एएसआई वेदवीर को जन्म प्रमाण पत्र पर संदेह हुआ था। कोर्ट के आदेश पर एएसआई वेदवीर ने बिहार जाकर इस जन्मप्रमाण पत्र की जांच की। पुलिस की जांच में जन्म प्रमाण पत्र झूठा मिला। आरोपी नीरज का जन्म 2001 में हुआ था। आरोपी ने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र में खुद का जन्म 2006 बताया था। अदालत ने फर्जीवाड़ा के मामले में भी मुरथल थाना पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे। इसी के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।