फिल्मी स्टाइल में 84 फीट सुरंग खोदकर गोहाना के पंजाब नेशनल बैंक के स्ट्रांग रूम से करोड़ों रुपये के जेवरात और नकदी चुराने वालों का पुलिस ने 72 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया।
बृहस्पतिवार को पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 39 किलो सोने और चांदी के जेवरात बरामद कर लिए हैं। पुलिस के अनुसार करीब डेढ़ माह तक प्रतिदिन चार से पांच घंटे खुदाई कर पांच लोगों ने सुरंग बनाकर इस वारदात को अंजाम दिया था। यह सुरंग बैंक से लगे एक खाली पड़े मकान से खोदी गई थी और इसका मास्टर माइंड मकान मालिक ही था, जिसने अपने साथियों के गिरफ्तार किए जाने पर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने बृहस्पतिवार को दिन में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उन्हें कोर्ट में पेश कर नौ दिन की रिमांड पर लिया था, जबकि एक आरोपी को शाम को गिरफ्तार किया गया, जिसे शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
27 अक्तूबर को गोहाना के पुराने बस स्टैंड स्थित पंजाब नेशनल बैंक की मुख्य शाखा में सुरंग बनाकर करोड़ों रुपये की चोरी को अंजाम दिया गया था। चोरों ने बैंक के पास में ही खाली पड़े मकान में सुरंग बनाकर बैंक में सेंध लगाई थी। इस मामले में पीएनबी बैंक प्रबंधक सतीश कुमार गोयल ने थाना शहर में मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायत में बताया था कि चोरों ने बैंक के स्ट्रांग रूम में सेंध लगाकर लाकर नंबर 181 से 270 (89 लाकरों) को तोड़कर आभूषण चोरी कर लिए हैं। बृहस्पतिवार को पुलिस अधीक्षक अरुण सिंह ने बताया कि डीएसपी गोहाना राजीव देशवाल के नेतृत्व में पुलिस टीमें इस मामले की जांच कर रहीं थी। सूचना के आधार पर दो आरोपियों सुरेंद्र उर्फ काला और बलराज उर्फ बल्लू को गांव लाठ की सीमा से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर अभी तक 38 किलो 910 ग्राम सोने और चांदी के आभूषणों के अलावा 60 हजार रुपये की नकदी गांव कटवाल के ईंट भट्ठे से बरामद कर ली है। इन दोनों की निशान देही पर देर शाम एक अन्य आरोपी सतीश निवासी कटवाल को भी गिरफ्तार कर लिया गया जबकि इसी गांव का एक अन्य आरोपी राजेश अभी फरार है।
कस्सी, खुरपा और गैती से बनाई सुरंग
आरोपियों ने बताया कि इस घटना को अंजाम देने के लिए करीब डेढ़ माह पहले बैंक के पीछे खाली पडे़ मकान के अंदर से कस्सी, खुरपा और गैती से सुरंग खोदने का कार्य शुरू किया था। आरोपी रात के समय 4 से 5 घंटे खुदाई करते थे। इसमें से एक आरोपी सुरंग खोदता था तो दूसरा मिट्टी उठाकर तीसरे को देता था। यहां से तीसरा मिट्टी को कट्टों में भरता था और चौथा आरोपी मिट्टी को दूसरे कमरे में डालकर आता था और एक अन्य आसपास नजर बनाए रखता था। इन चारों ने 84 फीट लंबी और 2.5 फीट चौड़ी सुरंग खोदी थी।
जैक से फर्श तोड़ बैंक में हुए दाखिल
सुरंग बनने के बाद बैंक मेें घुसने के लिए चोरों ने एक साधारण जैक का इस्तेमाल किया। धीरे-धीरे फर्श पर दबाव बनाकर एक गोलाकार होल बनाया फिर बैंक में दाखिल हो गए और 89 लॉकरों का माल ले उड़े।
एक लैब असिस्टेंट बाकी मैट्रिक तक
बैंक में सेंध लगाने वाले कुछ खास पढ़े-लिखे नहीं हैं। पूछताछ के अनुसार बलराज, सुरेंद्र, सतीश और राजेश में केवल सुरेंद्र ही सबसे अधिक पढ़ा लिखा है। सुरेंद्र ने लैब टेक्नीशियन का कोर्स कर खानपुर में अपनी लैब भी खोल रखी है। अन्य तीनों आरोपी खेतीबाड़ी का काम करते हैं।
10 लाख के इनाम ने चोरों को पकड़वाया
पुलिस ने बैंक चोरी के मामले में आरोपियों की सूचना देने पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। इसी कारण एक व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दी कि गांव लाठ में दो युवक संदिग्ध हालात में घूम रहे हैं। सूचना के बाद पुलिस ने इन दोनों युवकों को हिरासत में लिया तो पूछताछ में उन्होेंने अपराध कबूला। खास बात यह है कि इनमें से सतीश और राजेश को छोड़कर दोनों अन्य आरोपियों का कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं है। सतीश और राजेश गांव में शरारती किस्म के व्यक्तियों में शामिल थे, हालांकि ये कुख्यात अपराधी भी नहीं थे।
कमेटी के सामने की बरामदगी
एसपी ने बताया कि सोने-चांदी और नकदी की बरामदगी पुलिस ने कमेटी के सामने की थी। इस कमेटी में पीड़ित उपभोक्ताओं के पांच लोग भी शामिल थे। इसके अलावा मौके पर एक मजिस्ट्रेट, एक डीएसपी भी थे। उपभोक्ताओं की कमेटी के सामने ही बरामद किए सामान का वजन भी किया गया था।