केजीपी और राजीव गांधी एजूकेशन सिटी के लिए अधिग्रहीत की गई जमीन के मुआवजे को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे किसान गुरुवार को पीएम रैली का विरोध नहीं करेंगे। बुधवार को प्रदेश के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु सोनीपत पहुंचे और रेस्ट हाउस में किसानों को बुलाकर आश्वासन दिया कि नियमों के तहत उन्हें उचित मुआवजा दिया जाएगा।
17 नवंबर को चंडीगढ़ में किसानों के प्रतिनिधि उनसे आकर मिल सकते हैं। वित्त मंत्री के आश्वासन पर किसानों ने रैली को लेकर विरोध न करने का फैसला किया। लेकिन साफ किया कि उनका धरना अभी जारी रहेगा।
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की मांगों पर पूरी तरह से गंभीर है। हमने किसानों के साथ बैठक कर निर्णय लिया है कि जिले में जितने भी धरने चल रहे हैं उनमें से प्रत्येक वर्ग का एक प्रतिनिधि 17 नवंबर को चंडीगढ़ पहुंचे। यहां वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इन प्रतिनिधियों की मीटिंग करवाई जाएगी और मामले का हल निकाला जाएगा।
एक करोड़ चाहिए मुआवजा
किसान नेता वीरेंद्र बढख़ालसा, जयपाल राजपाल सेवली, शमशेर प्रतीमपुरा, ताहर सिंह ने कहा कि किसानों को कम से कम एक करोड़ प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाएगा। बेवजह अधिग्रहीत की गई 150 एकड़ जमीन मुक्त की जाए। इस मौके पर भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव जैन, उपायुक्त राजीव रतन, पुलिस अधीक्षक अभिषक गर्ग, किसान नेता वीरेंद्र चोटीवाला व अन्य मौजूद रहे।